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31 दिसंबर को खत्म हो रहा 7वां वेतन आयोग, इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा 8th Pay का लाभ

8th Pay Commission New Update: नए साल की दस्तक के साथ ही सरकारी गलियारों में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। 31 दिसंबर को सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने की ओर है और सबकी निगाहें 1 जनवरी 2026 पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इसी तारीख से आठवां वेतन आयोग प्रभावी हो सकता है। करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में इस समय बस एक ही सवाल है कि उनकी जेब में आने वाली रकम कितनी बढ़ने वाली है?

किनकी बदलेगी किस्मत

आठवें वेतन आयोग का सीधा असर केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। इसमें वे सभी लोग शामिल हैं जिनकी तनख्वाह या पेंशन ‘सेंट्रल सिविल सर्विसेज पे मैट्रिक्स’ के आधार पर तय की जाती है। सबसे राहत की बात यह है कि इस बार आयोग के काम करने के दायरे में रिटायर्ड कर्मचारियों को भी प्रमुखता से रखा गया है। इसका मतलब साफ है कि पेंशन में होने वाला संशोधन इस पूरी प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा होगा।

राज्यों और पीएसयू की स्थिति क्या होगी

अक्सर लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि केंद्र का आयोग बनते ही राज्यों में भी वेतन बढ़ जाएगा। हकीकत यह है कि राज्य सरकार के कर्मचारी सीधे तौर पर इसके दायरे में नहीं आते। राज्य सरकारें अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार इन सिफारिशों को लागू करने या न करने का फैसला लेती हैं। इसी तरह पीएसयू और अन्य स्वायत्त संस्थाओं के मामले में भी अंतिम निर्णय वहां की संबंधित अथॉरिटी को ही लेना होता है।

कब तक आएगा पैसा और क्या है सरकार की तैयारी

सरकार ने आयोग का गठन कर उसे अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का वक्त दिया है। संसद में भी इस संबंध में जानकारी साझा की जा चुकी है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो सिफारिशें मंजूर होते ही फंड का इंतजाम कर लिया जाएगा।

हालांकि आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी 2026 की तारीख सामने आ रही है मगर पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि कागजी मंजूरी और असल भुगतान के बीच थोड़ा फासला रहता है। जानकारों का अंदाजा है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और एरियर का वास्तविक लाभ वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान मिल सकता है।

वेतन में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद

भले ही अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है परंतु शुरुआती अनुमानों के अनुसार वेतन में 25 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा देखा जा सकता है। अगर हम इतिहास देखें तो 6th Pay Commission में करीब 40 फीसदी की भारी वृद्धि हुई थी जबकि सातवें आयोग में यह आंकड़ा 23 से 25 प्रतिशत के बीच रहा था।

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सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ‘फिटमेंट फैक्टर‘ है। सातवें आयोग में यह 2.57 था जिसे अब बढ़ाकर 3 के करीब ले जाने की मांग उठ रही है। अगर ऐसा होता है तो यह उन लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी होगी जो बेसब्री से अपनी आर्थिक उन्नति का इंतजार कर रहे हैं।

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