Cash vs Home Loan: प्रॉपर्टी के लिए कैश या लोन, जानें निवेश के लिए क्या है बेस्ट
Cash vs Home Loan: घर खरीदना सिर्फ एक सपना नहीं बल्कि कई लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है। ये न केवल व्यक्तिगत जीवन के बड़े फैसलों में से एक है बल्कि वित्तीय दृष्टि से भी एक गंभीर निर्णय होता है। एक तरफ जहां होम लोन आजकल आसानी से उपलब्ध है। वहीं दूसरी तरफ बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों ने इस फैसले को और भी कठिन बना दिया है। अब सवाल ये उठता है कि घर की पूरी कीमत एक साथ चुकाई जाए या फिर लोन लेकर इसे खरीदा जाए?
लोन vs पूरी रकम, समझदारी से करें फैसला
कई लोग जब घर खरीदने का निर्णय लेते हैं, तो वे केवल इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि उनके पास पूरी रकम है या नहीं। हालांकि, ये ध्यान रखना भी जरूरी है कि आपकी बचत कहां निवेशित है और उससे कितना रिटर्न मिल रहा है।
होम लोन के फायदे और नुकसान
आमतौर पर होम लोन की ब्याज दरें 9 फीसदी के आसपास होती हैं। यदि आपकी बचत ऐसी जगह निवेशित है, जिससे 15% या उससे अधिक रिटर्न मिल रहा है, तो होम लोन लेना अधिक फायदेमंद हो सकता है। वहीं, यदि आपकी निवेशों से रिटर्न कम है और लोन पर ब्याज ज्यादा है, तो पूरी रकम से घर खरीदना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
क्या है सेविंग्स से घर खरीदने का फायदा
यदि आप अपनी पूरी सेविंग्स से घर खरीदने का फैसला करते हैं तो इसके कुछ अहम फायदे हैं:
- कोई ब्याज नहीं देना पड़ता: लोन का बोझ नहीं होगा।
- प्रक्रिया में तेजी: कैश पेमेंट से पूरी प्रक्रिया तेज होती है।
- ईएमआई का दबाव नहीं: कोई मासिक भुगतान की चिंता नहीं होती।
- रिसेल में फायदा: कैश में खरीदी गई संपत्ति को भविष्य में बेचने पर ज्यादा फायदा हो सकता है।
लेकिन पूरी सेविंग्स का एक ही जगह निवेश करने के भी नुकसान हो सकते हैं:
- आर्थिक जोखिम: यदि सारी सेविंग्स एक ही प्रॉपर्टी में लगा दी जाती है तो ये रिस्क बढ़ सकता है।
- आपातकालीन संकट: इमरजेंसी में नकद की कमी हो सकती है।
- आयकर छूट का अभाव: इनकम टैक्स में छूट नहीं मिलती, जिससे लंबी अवधि में खर्च बढ़ सकता है।
होम लोन लेने के फायदे और नुकसान
अब यदि आप होम लोन लेकर घर खरीदने का विचार करते हैं तो इसके भी कई फायदे और नुकसान हैं:
फायदे
- संपत्ति की सही जांच: बैंक या वित्तीय संस्थाएं प्रॉपर्टी का सही मूल्यांकन करती हैं।
- कानूनी सुरक्षा: प्रॉपर्टी कानूनी रूप से सुरक्षित रहती है।
- आयकर में छूट: लोन पर चुकाए गए ब्याज और प्रिंसिपल पर टैक्स छूट मिलती है।
- सुरक्षित बचत: लोन के जरिए आपकी बचत सुरक्षित रहती है, जिससे आप अन्य निवेशों में पैसा लगा सकते हैं।
- क्रेडिट स्कोर में सुधार: वक्त पर ईएमआई चुकाने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार हो सकता है।
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नुकसान
- लंबी अवधि का दबाव: होम लोन एक लंबी अवधि तक चलता है, जो वित्तीय बोझ बढ़ा सकता है।
- ब्याज की अधिकता: लोन की ब्याज दरें प्रॉपर्टी की कीमत से ज्यादा हो सकती हैं।
- प्रॉपर्टी पर बैंक का कब्जा: यदि ईएमआई वक्त पर न दी जाए तो बैंक प्रॉपर्टी पर कब्जा कर सकता है।
- लोन अप्रूवल में देरी: लोन अप्रूवल में समस्याएं आ सकती हैं, जो वक्त पर घर खरीदने में रुकावट डाल सकती हैं।
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कैश या लोन, कौन सा विकल्प बेहतर
ये निर्णय पूरी तरह से आपकी व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। यदि आपकी बचत बेहतर निवेश विकल्पों में लगी हुई है और आप उच्च रिटर्न पा रहे हैं, तो लोन लेना समझदारी हो सकता है। वहीं, यदि आप रिस्क कम करना चाहते हैं और पूरी रकम का भुगतान करने में सक्षम हैं, तो कैश से घर खरीदना बेहतर हो सकता है।

