लोकप्रिय यूट्यूबर संजय यदुवंशी की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक लापरवाही पर चिंता
लखनऊ/ सुल्तानपुर. लोकप्रिय सोशल मीडिया क्रिएटर एवं यूट्यूबर संजय यदुवंशी निवासी जनपद सुल्तानपुर द्वारा सार्वजनिक रूप से जान-माल की सुरक्षा को लेकर व्यक्त की गई आशंका को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने प्रशासनिक एवं मानवाधिकार स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है।
डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने पुलिस अधीक्षक, गोंडा, पुलिस अधीक्षक, सुल्तानपुर तथा पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश को औपचारिक पत्र प्रेषित कर अवगत कराया गया है कि संजय यदुवंशी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर यह कहा है कि उन्होंने कई बार पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की, किंतु अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
वीडियो में जनपद गोंडा में घटित एक घटना का भी उल्लेख किया गया है, जहाँ उन्होंने स्वयं को असुरक्षित महसूस किए जाने की बात कही है। अधिवक्ता डॉ. यादव ने पत्र में यह रेखांकित किया है कि संजय यदुवंशी की बढ़ती लोकप्रियता, भारी जनसमर्थन, सार्वजनिक कार्यक्रमों में उमड़ने वाली भीड़ एवं हालिया घटनाक्रमों के मद्देनज़र उनके जीवन एवं व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर वास्तविक एवं तात्कालिक खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस प्रकरण को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से जोड़ते हुए डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने इसे संभावित मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बताया है। इसी क्रम में उन्होंने राज्य मानवाधिकार आयोग, उत्तर प्रदेश में भी शिकायत दर्ज कराते हुए आयोग से स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करने, संजय यदुवंशी को तत्काल प्रभावी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा जिन जिलों का उल्लेख वीडियो में किया गया है वहाँ निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
वहीं डॉ. यादव ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिकों के मौलिक मानवाधिकारों की रक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपेक्षा जताई है कि संबंधित अधिकारी एवं मानवाधिकार आयोग विषय की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे।

