दिल्ली धमाके पर आया ईरान का बयान, कही ऐसी बात उड़ गए सभी के होश
Delhi car explosion: दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए भयानक कार धमाके ने पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया है। राजधानी की सड़कों पर जहाँ हाई अलर्ट है, वहीं इस त्रासदी पर दुनियाभर से शोक और संवेदनाओं का तांता लगा हुआ है। इस कायराना हरकत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आतंकवाद की आग कहीं भी और कभी भी फैल सकती है।
दुनिया के बड़े देश भारत के साथ
सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी चिंता ज़ाहिर की। वाशिंगटन ने साफ़ कहा कि वे दिल्ली की मौजूदा स्थिति पर पैनी नज़र रखे हुए हैं और मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हैं। अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया पर संदेश दिया कि वे इस दुखद घटना से बहुत आहत हैं और भारत के लोगों के साथ मज़बूती से खड़े हैं।
ब्रिटेन की सरकार और ब्रिटिश हाई कमीशन ने हिंसा के किसी भी रूप की कड़ी निंदा की। लंदन से जारी बयान में भारत के लोगों के साथ पूरी एकजुटता दिखाते हुए कहा गया कि इस वारदात के ज़िम्मेदार लोगों को कठोरतम सज़ा मिलनी चाहिए। ब्रिटिश राजदूत ने इसे हम सभी के लिए एक दुखद पल बताया।
india us tariff tensions 2025: टैरिफ युद्ध में भारत की जीत पक्की, झुके ट्रंप
फ्रांस ने तुरंत शोक व्यक्त करते हुए घोषणा की कि हिंसा के ख़िलाफ़ लड़ाई में वह भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने सहायता की पेशकश के लिए पेरिस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा।
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनके विचार उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस त्रासदी में अपनों को खो दिया।
जानें ईरान ने मामले पर क्या कहा
दक्षिण एशिया के हमारे कई पड़ोसियों ने भी इसे अत्यंत दुखद घटना बताया। बांग्लादेश और श्रीलंका की सरकारों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ऐसी हिंसा को एक बड़ा झटका बताया। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय से भी बयान आया जिसमें भारत के लोगों के साथ खड़े होने की बात कही गई।
ईरान ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि मानव जीवन का नुकसान किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है और वे भारतीय सरकार व जनता के साथ संवेदना साझा करते हैं।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुईजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि दिल्ली धमाके में निर्दोषों की मौत से उन्हें गहरा दुख पहुँचा है और मालदीव इस दुख की घड़ी में भारत के साथ है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भी आई प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने न्यूयॉर्क में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस हमले की कड़ी निंदा की और भारत सरकार के राहत तथा जाँच प्रयासों का पूरा समर्थन करने की बात कही। यूरोपीय संघ ने भी अपने बयान में कहा कि हिंसा कभी भी समाधान नहीं हो सकती और निर्दोषों की जान लेना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
जापान, अर्जेंटीना, कनाडा, इटली और जर्मनी के दूतावासों ने भी तुरंत बयान जारी कर घटना की निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति जताई। इटली के दूतावास ने तो यहाँ तक लिखा कि भारत की राजधानी पर यह हमला दरअसल मानवता पर हमला है।
मामले की निरंतर जांच जारी
इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे (Delhi car explosion) में अब तक बारह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। केंद्र सरकार लगातार मामले की निगरानी कर रही है और विस्फोट के पीछे के मकसद को जानने के लिए जाँच एजेंसियाँ हर पहलू से सुराग ढूँढ रही हैं।
7000 फ्लाइट्स में देरी, 2100 रद्द; US शटडाउन का वो सच जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस षड्यंत्र की जड़ तक पहुँचा जाएगा और इसके पीछे के साज़िशकर्ताओं को बख़्शा नहीं जाएगा।
दुनियाभर से आए इन बयानों में दुख, चिंता और भारत के प्रति एकजुटता की एक साझा भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। वैश्विक समुदाय इस संकट की घड़ी में भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।


Pingback: पाकिस्तान नहीं, तुर्की से जुड़े दिल्ली धमाके के तार
Pingback: मोसाद के खुलासे से नेतन्याहू की बढ़ी टेंशन