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हॉस्पिटल में इलाज कराने से पहले जानें अपने कानूनी अधिकार

hospital rights for patients: भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हर दिन बड़े-बड़े बदलाव हो रहे हैं और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। हॉस्पिटल और डॉक्टर अपनी ओर से पूरी कोशिश करते हैं कि हर मरीज को बेहतरीन इलाज मिले। मगर प्राइवेट अस्पतालों के लंबे-लंबे बिल और बेवजह के चार्ट लोगों को अक्सर परेशान कर देते हैं।

मगर क्या आप यह जानते हैं कि अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों के भी अधिकार और जिम्मेदारियां होती हैं। जिनके बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। ज्यादातर अस्पताल इन अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी नहीं देते ताकि मरीज और उनके परिजन इलाज का पूरा लाभ ना उठा सके। तो चलिए आज आपको बताते हैं कि अगर आप अस्पताल में इलाज करवाते हैं तो आपके क्या-क्या अधिकार हैं और आपकी क्या-क्या जिम्मेदारियां होती हैं।

जानें अस्पताल में मरीजों के क्या अधिकार होते हैं (patient rights in hospital in india)

इलाज करने वाले डॉक्टर और स्टाफ की पहचान जानने का अधिकार, परामर्श और उपचार के दौरान प्राइवेसी का अधिकार, बिना भेदभाव, सेवाएं पाने का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार। इसका मतलब यह है कि मरीज की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी पाने का अधिकार, उपचार लेने या मना करने का अधिकार, मेडिकल रिपोर्ट पाने का अधिकार, जरूरत पड़ने पर दूसरे अस्पताल में रेफर करवाने का भी अधिकार होता है। दर्द और तकलीफ के प्रबंधन की जानकारी पाने का अधिकार, सेवा की गुणवत्ता पर शिकायत दर्ज करने और उसके जवाब पाने का भी अधिकार है।

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मरीजों के पास किसी भी प्रक्रिया जांच, एनस्थीजिया या रक्त चढ़ाने से पहले सहमति देने का अधिकार होता है। अपनी मेडिकल फाइल्स देखने की अनुमति पाने का अधिकार होता है। पसंद के भोजन का अधिकार मगर डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपने धर्म का पालन करने का भी अधिकार मरीजों के पास होता है। जिस तरह मरीजों के अधिकार होते हैं, उसी तरह कुछ जिम्मेदारियां भी हैं।

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आईये अब बात जिम्मेदारी को लेकर कर लेते हैं। अपनी स्वास्थ्य स्थिति की सही और पूरी जानकारी देना, पता, नाम और अन्य जरूरी विवरण सही देना, इलाज से जुड़ी सलाह का पालन करना, अस्पताल के स्टाफ का सम्मान करना। आपातकालीन मरीजों को प्राथमिकता मिलने की आवश्यकता समझे। अस्पताल के द्वारा बनाए गए नियम मानना, इलाज से जुड़े आर्थिक दायित्वों को समय पर पूरा करना, किसी भी प्रक्रिया के लिए सूचित और सहमति देना। दवाएं दूसरों को ना दें और ना ही किसी से दवा खुद लें।

अपॉइंटमेंट समय पर लें और ना आने पाने की स्थिति में जल्दी बताएं। कोई दिक्कत या हालात बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल को जानकारी दें। फॉलो अप विजिट समय पर करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा ना शुरू करें। दूसरे मरीजों और स्टाफ से अच्छा व्यवहार रखें। तो यह थी आपकी जिम्मेदारियां। इस प्रकार से आप अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने अधिकारों के इस्तेमाल से, अपने इलाज से जुड़ी हर एक बात के बारे में हॉस्पिटल से जानकारी मांग सकते हैं ताकि सही जानकारी के साथ सही इलाज और ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।

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