मकर संक्रांति पर करें इन चीजों का गुप्त दान, साल भर तिजोरी में नहीं होगी धन की कमी
makar sankranti 2026 time: मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के दिन को मनाने का पर्व है जो विशेष रूप से सूर्य पूजा, पुण्य स्नान और दान के लिए जाना जाता है। इस वर्ष ये त्योहार 14 जनवरी 2026 को बुधवार के दिन मनाया जाएगा। भारत के विभिन्न हिस्सों में इसे एक अलग- अलग तरीके से मनाया जाता है मगर हर स्थान पर इस दिन का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। ये सूर्य की पूजा का दिन है और साथ ही किसानों के लिए एक नए कृषि चक्र की शुरुआत भी है।
मकर संक्रांति को विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से बहुत जरूरी माना गया है। इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के समय किए गए कर्मों का फल बेहद शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन विशेष रूप से पुण्य काल का महत्व है। 2026 में ये पुण्य काल दोपहर 3:13 से शुरू होकर शाम 4:58 तक रहेगा। इस दौरान किए गए कार्यों का फल कई गुना अधिक होता है। खासकर स्नान, पूजा और दान से जुड़ी गतिविधियां इस समय के दौरान बेहद फलदायी मानी जाती हैं।
शांति पाने के लिए करें इन चीजों का दान
मकर संक्रांति के दिन दान करना विशेष पुण्य अर्जित करने का एक तरीका है। शास्त्रों में जिक्र किया गया है कि इस दिन ब्राह्मणों, गरीबों और जरूरतमंदों को दान देने से भगवान सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आमतौर पर कपड़े, अनाज, तिल, गुड़ जैसे चीजों का दान किया जाता है। ऐसा करने से न केवल आत्मिक शांति मिलती है बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है और मकर संक्रांति का पर्व किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह नए कृषि चक्र की शुरुआत का प्रतीक होता है। किसान इस दिन सूर्यदेव को धन्यवाद देते हैं और नए कृषि सत्र के लिए शुभकामनाएँ प्राप्त करते हैं। यही वजह है कि मकर संक्रांति को खिचड़ी के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि यह फसल की कटाई और नई फसल की शुरुआत को दर्शाता है।
पवित्र स्नान और पूजा विधि जानें
मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करने का महत्व है। अगर नदी तक पहुँच पाना संभव न हो, तो घर में भी स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित किया जा सकता है। पूजा में तांबे के बर्तन में जल, लाल फूल, चावल और कुमकुम का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ-साथ तिल, गुड़ और कपड़ों का दान करना पुण्य फल प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
संक्रांति को लेकर समाज में एक उत्सव का माहौल रहता है। खासकर उत्तर भारत में इस दिन मेला, पतंगबाजी और दूसरे सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि ये समाज को एकजुट करने और पुराने मतभेदों को भुलाकर एक नई शुरुआत करने का भी अवसर प्रदान करता है।
सुरक्षित और श्रद्धा के साथ मनाएं मकर संक्रांति
इस वर्ष मकर संक्रांति को श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाने के लिए सही मुहूर्त का ध्यान रखना जरूरी है। यदि आप इस पर्व को सही विधि से मनाते हैं, तो यह आपके जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सुख-शांति ला सकता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा और दान से पूरे साल के लिए सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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आपको बता दें कि मकर संक्रांति सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं है बल्कि ये जीवन के नए सिरे से शुरुआत करने, प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और समाज को एकजुट करने का एक अवसर है। इसलिए इस दिन को शुभ, सकारात्मक और आनंदपूर्ण बनाने के लिए पूरी श्रद्धा और विश्वास से इस पर्व को मनाएं।

