MANREGA Amendment: मनरेगा के नियमों में बड़ा बदलाव
MANREGA Amendment: ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से पानी की कमी और गिरते भूजल स्तर की परेशानी लोगों की जिंदगी पर असर डाल रही है। खेत सूख रहे हैं, पीने का पानी मुश्किल से मिल रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत मिलने वाला पैसा सीधे जल संरक्षण और पानी जमा करने जैसे कामों में खर्च किया जाएगा।
मिलेगा पानी के लिए कितनी धनराशि
हर ग्रामीण क्षेत्र में एक जैसा पानी नहीं मिलता, यही वजह है कि सरकार ने तय किया है कि किस ब्लॉक में कितनी राशि पानी से जुड़े कामों में लगेगी, इसका फैसला वहां की भूजल स्थिति के हिसाब से होगा।
नए MANREGA Amendment के मुताबिक, अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम फंड का एक अनिवार्य हिस्सा सिर्फ पानी के कामों पर खर्च करना जरूरी होगा। यानी गांवों में छोटे-बड़े तालाब, चेक डैम, जल निकासी, वर्षा जल संचयन जैसे कामों को तेजी मिलेगी।
केंद्रीय भूजल बोर्ड ने पूरे देश के ब्लॉकों को उनकी जल-स्थिति के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा है।
- ओवर-एक्सप्लॉइटेड (Over-Exploited): जहां जमीन से निकाला गया पानी वहां वापस जा रहे पानी से कहीं ज्यादा है।
- क्रिटिकल (Critical): जहां 90-100% भूजल दोहन हो चुका है।
- सेमी-क्रिटिकल (Semi-Critical): जलस्तर धीरे-धीरे नीचे जा रहा है।
- सुरक्षित (Safe): जहां पानी की स्थिति संतोषजनक है।
अब इन श्रेणियों के आधार पर तय हुआ है कि ओवर-एक्सप्लॉइटेड और क्रिटिकल ब्लॉकों में कम से कम 65 फीसदी MANREGA FUND जल कार्यों में खर्च होगा। सेमी-क्रिटिकल क्षेत्रों को 40% फंड देना जरूरी होगा। सुरक्षित ब्लॉकों में भी कम से कम 30 फीसदी बजट पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में लगाना अनिवार्य होगा।
11% से ज़्यादा गांव भूजल के संकट में! सरकार की रिपोर्ट में खुलासा
केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2024 की रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आए हैं, वो चिंताजनक हैं। देश के 11.13% ब्लॉक्स पूरी तरह ओवर-एक्सप्लॉइटेड की श्रेणी में हैं। 3.05 फीसदी ब्लॉक्स क्रिटिकल और 10.54 फीसदी सेमी-क्रिटिकल हैं। वही 73.39 फीसदीब्लॉक्स को फिलहाल सुरक्षित माना गया है।
इन्हीं आंकड़ों को देखकर सरकार ने फैसला किया है कि अब MANREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम फंड) जैसी बड़ी योजना को सिर्फ रोजगार तक सीमित न रखकर जल सुरक्षा के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।
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जनता को क्या मिलेगा फायदा
- इस बदलाव का सबसे बड़ा असर सीधे गांव की जनता पर पड़ेगा।
- खेतों को मिलेगा सिंचाई का पानी।
- हैंडपंप और कुएं बारहमासी रहेंगे पानी से लबालब।
- भविष्य के लिए पानी बचाने के इंतजाम होंगे मजबूत।
- गांव में रोजगार के साथ-साथ जल संरचना भी सुधरेगी।


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