रोज़ दोपहर को आने वाला ‘मिनी भूकंप’, क्या है यूपी के इस शहर की जमीन में खास
कल्पना कीजिए कि हर दोपहर जब सूरज सिर पर हो आपका घर हिलने लगे, दीवारें कांपने लगें और पानी की टंकियों से रिसाव शुरू हो जाए। आप समझ ही नहीं पाएं कि ये किसी प्राकृतिक आपदा का संकेत है या किसी मानवीय भूल का अंजाम। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं बल्कि ओबरा कस्बे की रोजमर्रा की सच्चाई बन चुकी है, जहां दोपहर का वक्त अब लोगों के लिए चिंता और डर का पर्याय बन चुका है। यह पूरी स्थिति अब ‘(Obra Earthquake Like Situation)’ के रूप में पहचानी जाने लगी है।
ओबरा नगर में रहने वाले लोगों का जीवन पिछले कुछ महीनों से हिल उठा है शाब्दिक रूप में भी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोजाना दोपहर के समय ज़मीन में जोरदार कंपन महसूस होते हैं (afternoon vibrations in Obra), जिससे घरों की नींव में दरारें पड़ चुकी हैं (vibrations cause cracks in houses), टंकियों में लीकेज शुरू हो गया है (water tank leakage Obra) और डर इतना हावी है कि लोग घर के भीतर बैठने से भी घबरा रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे ‘(Sonbhadra vibration news)’ के रूप में सोशल मीडिया पर रिपोर्ट किया है।
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स्थानीय स्तर पर फैली दहशत का मुख्य कारण है ओबरा वार्ड 14 स्थित अल्ट्राटेक भलुवा माइंस (Ultratech Bhaluwa mines blasting), जहां दोपहर के समय अत्यधिक विस्फोटकों का प्रयोग कर खनन किया जा रहा है (Obra mining blast)। इन ब्लास्टिंग से उपजा कंपन इतना तेज़ होता है कि लोगों को बार-बार भूकंप का आभास होता है (man-made vibrations Obra)।
खनन क्षेत्रों से सटे मोहल्लों जैसे न्यू कॉलोनी (Obra New Colony crisis), सेक्टर-9 (Sector-9 Obra vibration), और पीजी कॉलेज रोड (Obra PG road noise pollution) में स्थिति और भी गंभीर है। यहां की कई इमारतों की दीवारें चटक चुकी हैं, कुछ घरों की छतें कंपन के समय थरथराने लगती हैं और पानी की टंकियों में रिसाव की घटनाएं निरंतर सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन कंपनों से टंकियों की नींव में कमजोरी आ सकती है, जिससे उनके फटने का खतरा भी बना हुआ है।
लोगों का जीवन संकट में
ओबरा के निवासियों का कहना है कि उनका जीवन अब एक स्थायी डर और असुरक्षा के बीच गुजर रहा है (Obra residents crisis)। कुछ बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने जीवन में इतनी भयावह दोपहरें पहले कभी नहीं देखीं। बच्चों की पढ़ाई में बाधा आ रही है, महिलाएं दिन में रसोई चलाने से डर रही हैं, और कई परिवार विस्थापन पर विचार कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक (Obra blast impact) का उदाहरण बन चुका है जो पूरी तरह मानवनिर्मित है।
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प्रशासन ने हमेशा दिया आश्वासन
निवासियों का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को इस विषय में कई बार जानकारी दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। (administrative negligence Obra) अब तक सिर्फ निरीक्षण और रिपोर्ट का नाटक चल रहा है। जब खनन निरीक्षक आए, तो लोगों ने उन्हें घेर कर अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।

