Panchayat Chunav से पहले UP में नई नक्शेबंदी, कहां कम हुईं पंचायतें
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया जारी है जो आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Three-tier Panchayat Elections, Panchayat Chunav) से पहले एक महत्वपूर्ण कदम है। 2021 के पंचायत चुनाव (Panchayat Elections 2026) में कुल 58,195 ग्राम प्रधानों का चयन हुआ था, मगर अगले साल होने वाले चुनाव में ये संख्या घटकर 57,694 रह जाएगी। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण ग्राम पंचायतों का समेकन (Consolidation of Gram Panchayats) और शहरों के विस्तार (UP Urban Expansion) से जुड़े निर्णय हैं। अब जब ग्राम पंचायतों (Gram Panchayat Reorganization) के पुनर्गठन का काम पूरा हो चुका है, तो चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं (Panchayat Election Preparation)।
प्रमुख जिलों में ग्राम पंचायतों का समेकन (UP Gram Panchayats reduced)
सूबे में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतों में कमी देवरिया (Deoria Panchayat Consolidation), आजमगढ़ (Azamgarh Gram Panchayat) और चित्रकूट (Chitrakoot Panchayat Changes) जिलों में देखने को मिली है। देवरिया में शहरीकरण के चलते 64 ग्राम पंचायतें समाप्त हुईं, जबकि आजमगढ़ में 49 और प्रतापगढ़ में 46 पंचायतों का समेकन किया गया। इसी प्रकार अलीगढ़ में 16, अम्बेडकरनगर में 3, अमरोहा में 21 और अयोध्या में 22 पंचायतें समाप्त की गईं।
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अन्य जिलों में पंचायतों का समेकन
इसके अतिरिक्त, अन्य जिलों में भी पंचायतों की संख्या में कमी आई है। बहराइच में 4 ग्राम पंचायतों का समेकन हुआ, मगर इसके साथ ही दो नए राजस्व ग्राम (New Revenue Villages) भी बनाये गए। बलरामपुर में 7, बाराबंकी में 7, बरेली में 5, बुलंदशहर में 5, चित्रकूट में 3, एटा में 6, इटावा में 2, फर्रुखाबाद में 14, फतेहपुर में 19, गौतमबुद्ध नगर में 6, गाजियाबाद में 19, गोंडा में 22, गोरखपुर में 22 और हरदोई में 14 ग्राम पंचायतें कम हुईं।
विभिन्न जिलों में हुई और बदलाव
वहीं, हाथरस, जौनपुर, खीरी, कुशीनगर, लखनऊ, मथुरा, मऊ, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र और उन्नाव जिलों में भी पंचायतों का समेकन हुआ है। उदाहरण के तौर पर, मऊ में 26, कुशीनगर में 23 और रायबरेली में 8 ग्राम पंचायतें समाप्त की गईं।
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नए पंचायतों और राजस्व ग्रामों का गठन
हालांकि, समेकन के साथ-साथ कुछ स्थानों पर नए पंचायतों और राजस्व ग्रामों (Basti New Panchayats, New Revenue Villages) का भी गठन किया गया। बस्ती जिले में कोर्ट के आदेश पर दो नई ग्राम पंचायतों का गठन हुआ, जो पहले शहरी क्षेत्र में शामिल कर ली गई थीं। इसके अलावा, आजमगढ़, बाराबंकी, फतेहपुर, गोरखपुर, हरदोई, प्रतापगढ़ और उन्नाव जिलों में भी एक-एक नई ग्राम पंचायत का गठन किया गया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां
आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Three-tier Panchayat Elections) के मद्देनजर, राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission UP) ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पहले ही आरक्षण निर्धारण (UP Panchayat Reservation) का कार्य पूरा कर लिया है। यह चुनाव अप्रैल-मई 2026 के दौरान आयोजित होने की संभावना है और अब राज्यभर में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन (Uttar Pradesh Panchayat Elections, UP Panchayat Reorganization District Wise) के बाद चुनावी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस बार ग्राम प्रधान चुनावों (Gram Pradhan Elections) की संख्या घटने से चुनाव प्रक्रिया और भी संगठित होगी।


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