दौड़ने के फायदे तो हैं, लेकिन सावधान रहें! हर किसी के लिए नहीं है ये फिटनेस मंत्र
फिटनेस की दुनिया में दौड़ना सबसे सस्ता सरल और प्रभावी व्यायाम माना जाता है। लेकिन क्या हर कोई इससे फायदे ही उठा पाता है? अक्सर रनिंग को “फुल बॉडी वर्कआउट” की तरह पेश किया जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह सभी के लिए फायदेमंद हो ये जरूरी नहीं? दरअसल कुछ खास स्थितियों और स्वास्थ्य समस्याओं में दौड़ना शरीर के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है।
यहां हम आपको बता रहे हैं उन परिस्थितियों और कारणों के बारे में जब रनिंग आपके शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
1. जोड़ों और मांसपेशियों पर अतिरिक्त भार
अगर आपकी पहले से कोई जॉइंट या मसल से जुड़ी समस्या है जैसे घुटनों का दर्द या गठिया तो रनिंग आपके लिए फायदे से ज़्यादा नुकसान कर सकती है। ठोस सतहों पर लगातार दौड़ने से हड्डियों और टेंडन पर दबाव पड़ता है जिससे चोट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
2. थकावट बनाम फिटनेस: ओवरट्रेनिंग की भूल
कुछ लोग रोज़ाना दौड़ते हैं लेकिन शरीर को आराम दिए बिना यह आदत उल्टा असर डाल सकती है। लगातार दौड़ना शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) को बढ़ाता है जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और मानसिक थकावट भी हो सकती है। अगर आपकी एनर्जी हर दिन कम होती जा रही है तो आपको अपनी रनिंग रूटीन पर पुनर्विचार करना चाहिए।
3. दिल की बीमारियों में दौड़ना हो सकता है जोखिमभरा
जिन लोगों को पहले से हार्ट प्रॉब्लम है उनके लिए ज्यादा स्पीड में दौड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। दौड़ते समय दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर दोनों ही बढ़ते हैं जो कुछ मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसी स्थिति में दौड़ने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
4. उत्साह में कमी और मानसिक थकान
फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए उसमें मज़ा आना जरूरी होता है। अगर आपकी रनिंग रूटीन बोरिंग और थकाने वाली हो गई है तो यह आपकी प्रेरणा को खत्म कर सकती है। रोज़ाना एक ही तरह की दौड़ से न केवल मानसिक थकान बढ़ती है बल्कि धीरे-धीरे एक्सरसाइज़ से दूरी भी बनने लगती है।
5. डाइजेस्टिव सिस्टम को पहुंच सकता है झटका
लंबी दूरी की दौड़ के दौरान कुछ लोगों को पाचन संबंधी परेशानियां जैसे पेट में मरोड़ जी मिचलाना या डायरिया का अनुभव होता है। इसे ‘रनर्स ट्रॉट’ कहा जाता है। दौड़ की गति और दोहराव पेट पर दबाव डालते हैं जिससे डाइजेशन प्रभावित होता है।
6. गर्मी में दौड़ना = डिहाइड्रेशन का खतरा
गर्म मौसम में रनिंग करना शरीर से काफी मात्रा में पसीना निकालता है जिससे पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। अगर सही से हाइड्रेशन ना किया जाए तो सिर चकराना थकान और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक तक की स्थिति आ सकती है।
7. सांस की दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए चुनौती
प्रदूषित शहरों या सर्दियों में खुले में दौड़ने से अस्थमा और सांस की अन्य बीमारियों के लक्षण बढ़ सकते हैं। धूल धुंआ और ठंडी हवा एयरवेज को परेशान करते हैं जिससे सांस लेने में दिक्कत खांसी या घरघराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

