पिता से गाड़ी की चाबी लेकर निकला बेटा बना यमराज, खत्म कर दिए हंसते खेलते दो परिवार
कभी-कभी एक छोटी सी लापरवाही दो जिंदगियों को तबाह कर देती है। मध्य प्रदेश के रतलाम सड़क हादसे (Ratlam road accident) में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि यह सवाल भी खड़े कर दिए हैं कि आखिर कब तक नाबालिग चालक द्वारा की गई दुर्घटनाएं (minor driver accident) होती रहेंगी? और कब तक ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाने (driving without license) की गंभीरता को नज़रअंदाज़ किया जाएगा?
शहर की एक कॉलोनी में लगे CCTV कैमरे में कैद हादसे (accident captured on CCTV) की यह घटना इतनी दर्दनाक है कि जिसे देखकर कोई भी भीतर से हिल जाए। एक बेकसूर बच्चे की मौत सड़क पर (innocent dies on the road) यूं ही नहीं होनी चाहिए थी।
एक पल की भूल, दो परिवार बर्बाद
18 महीने का ऋषिक तिवारी अपनी दादी के साथ हर दिन की तरह उस सुबह भी मंदिर की ओर निकल पड़ा था। मगर जैसे ही वह गली से सड़क की ओर बढ़ा, सामने से आ रही एक सफेद रंग की कार ने उसे कुचल दिया। यह कार दुर्घटना रतलाम (car accident Ratlam) के इतिहास में शायद सबसे भावुक कर देने वाला हादसा है।
ये भी पढ़ें- एक और BJP नेता महिला के साथ कार में गंदी स्थिति में दिखे, वीडियो वायरल
कार की गति बहुत तेज़ नहीं थी, लेकिन जो हुआ उसने इस घटना को नाबालिग चालक द्वारा की गई दुर्घटना (accident caused by minor driver) बना दिया। रतलाम हादसे की खबर (Ratlam accident news) अब राष्ट्रीय सुर्खियों में है।
मां के सामने टूटी दुनिया
बच्चा बुरी तरह गाड़ी से कुचला गया (child crushed in car accident)। शरीर के कई हिस्सों से खून बह रहा था। मां पारूल तिवारी दौड़ती हुई आईं और बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचीं मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह एक 18 महीने के बच्चे की मौत (death of 18 month old child) थी एक ऐसी मौत जो लापरवाही के कारण हुई (death due to negligence)।
नाबालिग चला रहा था कार, बिना लाइसेंस
जिस कार ने ऋषिक की जान ली, उसे एक किशोर चला रहा था ड्राइविंग लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाना (driving without driving license) एक गंभीर अपराध है, फिर भी लोग इसे हल्के में लेते हैं।
ये भी पढ़ें- काम की बात; दूध उबालकर पीना फायदेमंद है या कच्चा, जानें एक्सपर्ट की राय
वह नाबालिग 12वीं का छात्र था, जो रतलाम में अपनी दादी के साथ किराए पर रह रहा था। पिता गांव से आए थे और कार भी लाए थे। बेटे ने जिद की और उन्होंने उसे चाबी थमा दी। यही वह बिंदु है जहाँ से यह ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन (traffic rule violation) शुरू हुआ।
पिता और बेटे दोनों पर केस
पुलिस ने किशोर पर गैर इरादतन हत्या (unintentional murder) और लापरवाही का केस दर्ज किया है, जबकि पिता पर नाबालिग को गाड़ी देना अपराध है (giving car to a minor is a crime) के तहत कार्रवाई हुई है। यह रतलाम पुलिस द्वारा दर्ज मामला (Ratlam police case) अब कानून के कटघरे में है।
हादसा रोका जा सकता था minor driver accident
CCTV फुटेज में कैद यह सड़क दुर्घटना (CCTV footage of road accident) साफ तौर पर दिखाती है कि अगर ड्राइवर रुक जाता तो शायद ऋषिक की जान बच सकती थी। भागने की कोशिश में गाड़ी का पहिया बच्चे के ऊपर से निकल गया यही वह क्षण था जहाँ यह लापरवाही से हुई मौत (death due to negligence) साबित हुई।
रतलाम में 12वीं के छात्र ने एक 18 महीने के बच्चे को कुचल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल @NavbharatTimes #NBTMP pic.twitter.com/vKiSCplUXI
— NBTMadhyapradesh (@NBTMP) August 7, 2025

