itr filing करते वक्त ये 5 गलतियाँ न करें, जानें कैसे बचें
itr filing: क्या आप जानना चाहते हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरते समय कौन-कौन सी सामान्य गलतियाँ होती हैं और उनका समाधान क्या है? आज के डिजिटल जमाने में सही तरीके से ITR भरना बहुत जरूरी हो गया है। गलतियाँ करदाता को न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती हैं, बल्कि कई बार आयकर विभाग से फटकार का भी सामना करना पड़ता है। इस खबर में हम उन पांच आम गलतियों पर चर्चा करेंगे जो लोग अक्सर ITR भरते समय करते हैं और बताएंगे कि आप उन्हें कैसे आसानी से टाल सकते हैं।
1. गलत या अधूरा पर्सनल डिटेल्स भरना
सबसे पहली और सामान्य गलती होती है गलत या अधूरी जानकारी भरना। जैसे कि नाम, पैन नंबर, आधार नंबर या पता। गलत PAN नंबर भरने से ITR जमा ही नहीं हो पाता या विभाग आपको नोटिस भेज सकता है। इसलिए, रिटर्न भरने से पहले सभी व्यक्तिगत जानकारी को ध्यान से जांचें। इसे आप अपने आधार और पैन कार्ड की तुलना कर सकते हैं। अगर मेलिंग पता सही नहीं है तो उसे तुरंत अपडेट करें ताकि आपको विभाग से कोई जरूरी सूचना समय से मिल सके।
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कैसे बचें:
- रिटर्न भरने से पहले अपने डॉक्यूमेंट्स को ध्यान से जांच लें।
- पोर्टल पर ऑटो फील्ड्स को भी ध्यान से पढ़ें और आवश्यकतानुसार सुधार करें।
- पैन और आधार को लिंक करवा लें जिससे डिटेल्स में गड़बड़ी कम हो जाती है।
2. इनकम के स्रोतों को ठीक से रिपोर्ट न करना (itr filing)
गलत या अधूरी इनकम रिपोर्टिंग भी आम गलती है। उदाहरण के लिए, साल भर का सही वेतन, बैंक से मिले ब्याज, कैपिटल गेन या किसी अन्य स्रोत से आय सही साक्ष्य के साथ भरनी चाहिए। अक्सर टैक्सपेयर्स कुछ इनकम को छिपा देते हैं या भूल जाते हैं, जिससे बाद में सेक्शन 143(1) के तहत नोटिस आ सकते हैं।
कैसे बचें:
- पे-आउट स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 26AS और अन्य दस्तावेजों से आय की सही पुष्टि करें।
- हर स्रोत से हुई आय को स्पष्ट रूप से अलग-अलग सेक्शन में भरें।
- कैपिटल गेन की जानकारी सही तरीके से भरें जिसमें खरीद-फरोख्त की तारीख, राशि वगैरह शामिल हों।
3. टैक्स कटौती और छूटों का सही उपयोग न करना (itr filing)
लोग अकसर टैक्स बचाने के लिए मिलने वाले छूट और कटौतियों का ठीक से इस्तेमाल नहीं करते। जैसे कि धारा 80C, 80D, 80E आदि के तहत मिलने वाली छूट। इससे न केवल उनका टैक्स ज़्यादा लगता है, बल्कि रिफंड मिलने का मौका भी खो देते हैं। छूटों की पूरी जानकारी लेकर गलतियां टाली जा सकती हैं।
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कैसे बचें:
- हर कटौती और छूट के लिए जरूरी प्रमाण-पत्रों को इकट्ठा करें।
- ITR भरते समय उपलब्ध छूट का विस्तार से उपयोग करें।
- यदि निवेश किया है, तो उसकी रसीद और बिल को संभाल कर रखें।
4. टैक्स क्रेडिट की अनदेखी
सरकार ने टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) पर टैक्स क्रेडिट दिया है जिससे करदाता को टैक्स की राशि घटाने का मौका मिलता है। परंतु, कई लोग अपनी फॉर्म 26AS या अन्य डॉक्यूमेंट्स की तुलना किए बिना दावा करते हैं। इसलिए बाद में आयकर विभाग से असंगति के नोटिस आते हैं।
कैसे बचें:
- फॉर्म 26AS को साल भर तीन-चार बार चेक करें।
- ध्यान रहे कि आपका नियोक्ता/बैंक सही टीडीएस जमा कर रहा है या नहीं।
- यदि टीडीएस विवरण सही नहीं है तो तुरंत नियोक्ता/बैंक से सम्पर्क करें।
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5. डेडलाइन का अनादर (itr filing deadline)
अंतिम सबसे बड़ी गलती होती है रिटर्न फाइलिंग की समय सीमा को न मानना। देरी से फाइल (income tax filing) करने पर जुर्माना लग सकता है और आपका रिटर्न अप्रासंगिक हो सकता है। इस वजह से आपको अनावश्यक टेंशन और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
कैसे बचें:
- आयकर विभाग द्वारा जारी तिथियों को हमेशा नोट करें।
- चाहे फाइलिंग लंबे समय तक न करें, समय पर फाइल करें।
- जरूरत पड़ने पर ई-फाइलिंग पोर्टल का सहारा लें, जो आसानी से मोबाइल से भी किया जा सकता है।
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सावधानी से करें ITR फाइलिंग
इन पांच आम गलतियों से बच कर आप न केवल अपना टैक्स सही समय पर फाइल (income tax filing) कर पाएंगे बल्कि टैक्स बचाने के भी बेहतर उपाय जान पाएंगे। व्यक्तिगत डेटा की सही जानकारी, आय के स्रोतों की पूरी रिपोर्टिंग, टैक्स छूट का सही इस्तेमाल, टीडीएस क्रेडिट की जांच और समय पर फाइलिंग से आप खुद को आयकर विभाग की अनावश्यक परेशानियों से बचा सकते हैं।

