मकान मालिकों की मनमानी पर ब्रेक; हुआ बड़ा फैसला, आप भी जानिए
New Rent Agreement Rule: 2026 में केंद्र सरकार ने किराएदारों के लिए कई अहम बदलाव किए हैं, जो उनकी सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करेंगे। खासकर उन लोगों के लिए जो किराए के मकान में रहते हैं और मकान मालिक की मनमानी से परेशान हैं। अब सरकार ने कुछ नए नियम लागू किए हैं, जिनसे किराएदारों को एक नई उम्मीद मिल सकती है।
रेंट एग्रीमेंट का होना जरूरी
अब रेंट एग्रीमेंट को लिखित और रजिस्टर करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि मकान मालिक और किराएदार के बीच स्पष्ट समझौता रहेगा, जिससे किसी भी विवाद की स्थिति में कानूनी आधार मिलेगा। इससे पहले जो मौखिक समझौते होते थे, वे अक्सर विवादों का कारण बन जाते थे, मगर अब ऐसा नहीं होगा।
किराए में बढ़ोतरी पर भी लगेगा ब्रेक
नए नियमों के तहत मकान मालिक अब साल में केवल एक बार ही किराया बढ़ा सकेंगे और उसे भी 90 दिन पहले सूचित करना होगा। इससे किराएदारों को स्थिरता मिलेगी और वे अचानक बढ़ी हुई कीमतों से परेशान नहीं होंगे।
किराएदारों के लिए एक और राहत की बात यह है कि अब मकान मालिक घर खाली करने के लिए बिना सूचना दिए नहीं कह सकेंगे। उन्हें यह निर्णय 30 दिन पहले सूचित करना होगा। यही नहीं, मकान मालिक को घर पर आने से पहले भी किराएदार को सूचना देनी होगी। इससे किराएदार को अपनी प्राइवेसी का सम्मान मिलेगा और मकान मालिक के गैरकानूनी दखल से बचाव होगा।
मकान मालिक अब घर की मरम्मत को 30 दिनों के भीतर पूरा करेंगे। यदि किराएदार खुद मरम्मत करवा लेते हैं, तो उसका खर्च किराए से घटा लिया जाएगा। यह नियम खासकर उन किराएदारों के लिए राहतकारी है, जो लंबे समय से खराब स्थिति में रहने को मजबूर थे।
टीडीएस (Tax Deducted at Source) नियम अब उन किराएदारों पर लागू होंगे जिनका किराया 50,000 रुपये से अधिक है। इसके अलावा, पुलिस वेरिफिकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम किराएदारों की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए है, ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि का पता चल सके।
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मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और अन्य बड़े शहरों में इन नियमों का बड़ा प्रभाव पड़ेगा। पहले जहां डिपॉजिट और बेदखली को लेकर समस्याएं आम थीं, वहीं अब किराएदारों को ज्यादा अधिकार और सुरक्षा मिलेगी। यदि मकान मालिक इन नए नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
किराएदारों की प्राइवेसी का होगा सम्मान
इन नए नियमों का उद्देश्य केवल किराए पर घर देने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना नहीं है बल्कि यह मकान मालिकों द्वारा किराएदारों की प्राइवेसी और अधिकारों का उल्लंघन रोकने के लिए भी है। अब किराएदारों को हर महीने मकान मालिक की मनमानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने घर में शांति से रहने का अवसर मिलेगा।

