तत्काल में हर बार मिलती है वेटिंग? अपनाएं IRCTC के ये 2 सीक्रेट ट्रिक्स, चुटकियों में बुक होगी कन्फर्म टिकट
त्योहारों का सीजन हो या छुट्टियों में घर लौटने की जल्दी, भारतीय रेल में कन्फर्म टिकट हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। अक्सर घड़ी की सुई 10 या 11 बजते ही लोग तेज इंटरनेट के साथ स्क्रीन खोलकर बैठ जाते हैं, लेकिन पलक झपकते ही सीटें ‘अवेलेबल’ से ‘वेटिंग’ या ‘रिग्रेट’ में बदल जाती हैं।
कई लोग इसे सिर्फ धीमी इंटरनेट स्पीड का दोष मानते हैं, जबकि असली वजह बुकिंग के दौरान पैसेंजर फॉर्म भरने और पेमेंट प्रोसेस में लगने वाला अतिरिक्त समय होता है। अगर बुकिंग विंडो खुलते ही विवरण भरने में दो मिनट भी बर्बाद हो गए, तो सीट हाथ से निकल जाती है। इस समस्या से बचने के लिए आईआरसीटीसी के दो बेहद कारगर तरीके हैं, जिन्हें पहले से सेट करके आप कन्फर्म सीट मिलने की संभावना को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
ये दो तरीके आएंगे बहुत काम
पहला और सबसे असरदार तरीका है IRCTC के ‘मास्टर लिस्ट’ फीचर का इस्तेमाल करना। तत्काल या पीक सीजन बुकिंग के दौरान सबसे ज्यादा समय हर यात्री का नाम, उम्र, जेंडर, बर्थ प्रेफरेंस और पहचान पत्र की जानकारी मैनुअल टाइप करने में खर्च होता है। इस देरी से बचने के लिए बुकिंग का समय शुरू होने से पहले ही अपने आईआरसीटीसी अकाउंट में लॉगिन करें और प्रोफाइल सेक्शन में मौजूद ‘मास्टर लिस्ट’ में जाएं। वहां अपने परिवार या सह-यात्रियों का पूरा विवरण पहले से सुरक्षित (सेव) कर लें। ऐसा करने से बुकिंग शुरू होते ही आपको दोबारा टाइपिंग नहीं करनी पड़ेगी; बस एक क्लिक से यात्रियों के नाम चुनकर सीधे आगे बढ़ा जा सकेगा, जिससे बुकिंग की गति कई गुना तेज हो जाती है।
दूसरा अहम कदम है भुगतान (पेमेंट) के लिए पहले से तैयार रहना। सीट चुनने के बाद अक्सर लोग पेमेंट गेटवे पर अटक जाते हैं—कभी 16 अंकों का कार्ड नंबर और सीवीवी भरने में वक्त लगता है, तो कभी बैंक सर्वर से ओटीपी आने में देरी हो जाती है। इतनी देर में सेशन एक्सपायर हो जाता है या सीटें फुल हो जाती हैं। इससे बचने के लिए आईआरसीटीसी ई-वॉलेट (IRCTC iMudra/Wallet) या पहले से लिंक यूपीआई (UPI) ऑटो-पे और क्यूआर विकल्प को प्राथमिकता दें। वॉलेट में पहले से राशि होने पर कार्ड डिटेल्स टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ती और ट्रांजैक्शन सेकंडों में पूरा हो जाता है।
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तत्काल या फेस्टिव रश के दौरान बुकिंग केवल रफ्तार की नहीं, बल्कि पूर्व-तैयारी की होती है। एसी तत्काल के लिए सुबह 10:00 बजे और नॉन-एसी के लिए 11:00 बजे की विंडो खुलने से कम से कम 5 से 10 मिनट पहले लॉगिन कर लें। कौन सी ट्रेन चुननी है, क्लास क्या होगी और यात्रा की तारीख क्या है, यह पहले से तय रखें ताकि सर्च में समय न जाए। हालांकि 100 प्रतिशत सीट की गारंटी ट्रेन में उपलब्ध कोटे और कुल मांग पर निर्भर करती है, लेकिन मास्टर लिस्ट और फास्ट पेमेंट का यह कॉम्बिनेशन मानवीय देरी को पूरी तरह खत्म कर कन्फर्म टिकट मिलने का रास्ता बेहद आसान बना देता है।

