इस बार जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल, नए नियमों ने उड़ाए सबके होश
देशभर में आगामी जनगणना के दूसरे चरण की रूपरेखा तय हो गई है, जिसके तहत 16 नवंबर से नागरिक स्वयं डिजिटल माध्यम से स्वगणना (Self-Enumeration) कर सकेंगे, जबकि 1 दिसंबर से फील्ड प्रगणक घर-घर जाकर डेटा संग्रह का काम शुरू करेंगे। इस महापर्व को लेकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में फील्ड ट्रेनर्स का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है। पहले चरण में दक्ष किए जा रहे मास्टर ट्रेनर आगे चलकर अन्य फील्ड कर्मियों को ट्रेंड करेंगे। प्रशिक्षण सत्र से सामने आई जानकारियों के अनुसार, इस बार प्रत्येक नागरिक से कुल 40 विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे।
4 शादियों का विकल्प और लिव-इन जोड़ों को दंपति का दर्जा
प्रशिक्षण के दौरान नए दिशा-निर्देशों को लेकर अहम जानकारियां साझा की गईं। भारत सरकार के राजपत्र के नियमों के अनुसार, इस बार जनगणना प्रपत्र में महिला और पुरुष दोनों को ही अपनी चार शादियों तक का विवरण दर्ज कराने का विकल्प प्रदान किया गया है। ये व्यवस्था किसी भी जाति या धर्म के नागरिकों पर समान रूप से लागू होगी। इसके साथ ही एक अन्य बड़े सामाजिक बदलाव के तहत, लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रह रहे युगलों को भी वैवाहिक स्थिति में शादी से पहले ही ‘दंपति’ के तौर पर पंजीकृत किया जाएगा।
बेघर नागरिकों की गिनती और घोषित राष्ट्रीयता का कॉलम
मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का पहला चरण पूरा होने के बाद अब मुख्य जनसंख्या गणना की जा रही है। इस बार फुटपाथों, रैन बसेरों और सार्वजनिक स्थलों पर रहने वाले बेघर लोगों की गिनती के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। फॉर्म में औपचारिक नागरिकता के स्थान पर व्यक्ति द्वारा स्वयं ‘घोषित राष्ट्रीयता’ को दर्ज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सामाजिक संरचना को समझने के लिए नागरिकों से उनकी जाति से जुड़ा प्रश्न भी अनिवार्य रूप से पूछा जाएगा।
गोरखपुर में ट्रेनिंग शुरू, डीएम ने दिए सटीक डेटा के निर्देश
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि दूसरे चरण की जनगणना के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कर्मचारियों का प्रशिक्षण विधिवत शुरू हो चुका है। डीएम ने सभी प्रगणकों को निर्देश दिए हैं कि वे पूछे जाने वाले सभी 40 बिंदुओं को गहराई से समझें, क्योंकि देश की भावी योजनाओं और नीतियों का निर्माण इसी डेटा के आधार पर होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जो लोग सक्षम हैं, वे स्वगणना पोर्टल का उपयोग करें ताकि प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बन सके।
व्यक्तिगत पहचान से लेकर आजीविका तक: ये 40 सवाल होंगे शामिल
जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों को पांच प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। प्राथमिक पहचान के तहत नाम, मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु और वैवाहिक स्थिति दर्ज होगी। सामाजिक दायरे में धर्म, जाति, एससी/एसटी वर्ग, दिव्यांगता, मातृभाषा और शिक्षा का स्तर पूछा जाएगा। आजीविका वर्ग में कार्य की प्रकृति, व्यवसाय, उद्योग, कामगार श्रेणी और आर्थिक गतिविधियों का ब्योरा लिया जाएगा। प्रवास श्रेणी के अंतर्गत जन्म स्थान, पूर्व निवास, प्रवास का कारण और अवधि दर्ज होगी। इसके अलावा कोविड टीकाकरण स्थिति, बैंक खाता, मोबाइल नंबर, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज संबंधी विवरण भी एकत्र किए जाएंगे।
तत्काल में हर बार मिलती है वेटिंग? अपनाएं IRCTC के ये 2 सीक्रेट ट्रिक्स, चुटकियों में बुक होगी कन्फर्म टिकट
रिटायर होने वाले कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी से राहत
उत्तर प्रदेश सरकार ने जनगणना ड्यूटी को लेकर प्रशासनिक कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव द्वारा जारी आधिकारिक शासनादेश के अनुसार, जनगणना-2027 के दूसरे चरण के दौरान जो कार्मिक अगले तीन महीनों के भीतर सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले हैं, उन्हें फील्ड ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि काम केवल पूरी तरह प्रशिक्षित कर्मियों से ही कराया जाएगा और एक बार प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसी भी कर्मचारी को असाधारण परिस्थितियों के अलावा ड्यूटी से छूट नहीं मिलेगी। साथ ही कैंटोनमेंट बोर्ड के अलावा किसी अन्य क्षेत्र को स्पेशल यूनिट का दर्जा नहीं दिया जाएगा।

