प्रेस वार्ता में सवालों के जवाब न देने पर अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज, बोले—‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दिए बिना वहां से चले जाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज कसा है। अखिलेश यादव ने कहा कि जब प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है और केवल बयान दिया जाना है, तो ऐसी स्थिति में ‘प्रेस वार्ता’ शब्द का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नाम बदलने वालों को अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केवल एकतरफा बयानबाजी करनी है और पत्रकारों के सवालों का सामना नहीं करना है तो बिना वार्तालाप के ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार को प्रेस वार्ता आयोजित करने के बजाय प्रेस रिलीज भेजकर ही काम चला लेना चाहिए, जिससे सभी का समय बच सके। अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जनता और विपक्ष के सवालों की भरमार है, लेकिन सरकार के पास उनके जवाब नहीं हैं।
सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सवालों से मुंह मोड़कर चले जाना या मैदान छोड़कर भागना भी कहा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शासन में पक्षपात करती है और प्रेस वार्ता में भी एकतरफा बयानबाजी का रवैया अपनाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अब क्या यह भी कहा जाएगा कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’ उनके इस बयान के बाद प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सवाल-जवाब और सरकार की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से 12 सितंबर को 2026 को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पत्रकारों से वार्ता करने वाले थे। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद जब वहां से वह निकलने लगे तो एक पत्रकार ने सवाल पूछने की बात कही। लेकिन वह बिना सवालों का जवाब दिए वहां से निकलते दिखे। जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। देखे वीडियो-

