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भारत में GST, जानें पड़ोसी पाकिस्तान में क्या लगता है

भारत में जब भी सामान या सेवाएं खरीदी जाती हैं तो उस पर GST मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लगता है। ये वही टैक्स प्रणाली (india tax system) है जिसे 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था और जिसने वैट, एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स जैसे पुराने करों को खत्म कर एकीकृत कर दिया। इसका उद्देश्य था देश की टैक्स व्यवस्था को सरल बनाना और कर चोरी पर लगाम कसना। आज भारत में जीएसटी केंद्र और राज्यों की आय का बड़ा सहारा है और विकास कार्यों का अहम स्रोत भी।

मगर सवाल उठता है कि हमारे पड़ोसी पाकिस्तान (tax system in pakistan) में खरीद-बिक्री और सेवाओं पर किस तरह के टैक्स लागू होते हैं।

पाकिस्तान में लागू टैक्स (tax system in pakistan)

पाकिस्तान में भी चीजों की बिक्री पर जनरल या स्टैंडर्ड सेल्स टैक्स (GST/VAT) लिया जाता है। फिलहाल इसकी दर लमसम 18 फीसदी है। दिलचस्प बात ये है कि पहले यही दर 17 फीसदी थी, मगर वर्ष 2023 में इसे एक प्रतिशत बढ़ा दिया गया। ऐसा कदम सरकार ने इसलिए उठाया ताकि अतिरिक्त 64 करोड़ डॉलर का राजस्व जुटाया जा सके।

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ये टैक्स मुख्यत: वस्तुओं की आपूर्ति और बिक्री पर लागू होता है। इसके साथ ही व्यापारिक आयात (Commercial Imports) पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त वैट लिया जाता है। वहीं जो करदाता एक्टिव टैक्सपेयर लिस्ट में पंजीकृत नहीं होते, उनसे सप्लाई पर 4 फीसदी अतिरिक्त टैक्स वसूला जाता है।

सेवाओं पर टैक्स की अलग व्यवस्था

पाकिस्तान में सेवाओं पर टैक्स (Pakistan Income Tax) लगाने की जिम्मेदारी प्रांतीय सरकारों के पास है। इसी वजह से सर्विस टैक्स की दर हर प्रांत में अलग-अलग होती है और यह 13 से 16 प्रतिशत तक हो सकती है। उदाहरण के लिए सिंध और पंजाब में तय दरें एक जैसी नहीं हैं।

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महंगाई पर असर

इतने सभी टैक्स का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। पाकिस्तान पिछले कुछ सालों से महंगाई की गंभीर मार झेल रहा है। निरंतर बढ़ती दरों और अतिरिक्त टैक्स बोझ ने आम उपभोक्ताओं की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।