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How To Join Merchant Navy: मर्चेंट नेवी में ऑफिसर बनने के लिए क्या-क्या है जरूरी, पूरी गाइड यहां

How To Join Merchant Navy: सोचिए हमारे घरों तक आने वाला तेल, गैस, मोबाइल, अनाज और कपड़े आखिर कहां से आते हैं? अधिकतर सामान समुद्री मार्ग से ही दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है। समुद्र केवल छुट्टियों या पर्यटन के लिए नहीं है बल्कि ये व्यापार और अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। भारत में करीब 12 बड़े बंदरगाह और 200 से अधिक छोटे बंदरगाह हैं। हर दिन इन पर करोड़ों रुपये का माल लोड और अनलोड होता है। इसी ग्लोबल व्यापार का हिस्सा है मर्चेंट नेवी का करियर।

इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में फर्क जानें (difference between Indian Navy and Merchant Navy)

कई लोग सोचते हैं कि इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी एक ही चीज हैं मगर ऐसा नहीं है। इंडियन नेवी देश की सुरक्षा के लिए काम करती है और यह सेना का हिस्सा है। मर्चेंट नेवी पूरी तरह से वाणिज्यिक क्षेत्र से जुड़ी है। इसका मुख्य काम वाणिज्यिक जहाजों को चलाना और माल पहुंचाना है। एक रक्षा सेवा और एक व्यावसायिक सेवा, काम करने के तरीके, चयन प्रक्रिया और वेतन में अंतर स्पष्ट है।

मर्चेंट नेवी में करियर विकल्प

मर्चेंट नेवी में अलग-अलग विभाग हैं।

1. डेक विभाग

अगर आपको जहाज चलाने और नेविगेशन में रुचि है, तो आप डेक विभाग में जा सकते हैं। इसके लिए 12वीं के बाद नॉटिकल साइंस में डिप्लोमा या बीएससी करना होता है। शुरुआत डेक कैडेट से होती है और अनुभव के साथ थर्ड ऑफिसर, सेकंड ऑफिसर और कैप्टन बन सकते हैं।

2. इंजन विभाग

अगर आपकी रुचि मशीनों और इंजीनियरिंग में है, तो इंजन विभाग आपके लिए है। इसके लिए बीटेक इन मैरीन इंजीनियरिंग करना होता है। पहले से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री रखने वाले लोग जेएमई कोर्स करके भी प्रवेश ले सकते हैं। शुरुआत जूनियर इंजीनियर से होती है और अनुभव के साथ आप फोर्थ, थर्ड, सेकंड और फिर चीफ इंजीनियर बन सकते हैं।

3. इलेक्ट्रोक्निकल ऑफिसर (ETO)

ईटीओ जहाज के इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सेंसर और अलार्म सिस्टम की देखभाल करता है। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स या इलेक्ट्रिकल में बीटेक/डिप्लोमा और डीजी शिपिंग से मान्यता प्राप्त कोर्स जरूरी है।

जानें प्रवेश प्रक्रिया और कौन कौन कर सकता है आवेदन (Merchant Navy admission process)

ऑफिसर लेवल कोर्स के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में कम से कम 60% अंक और अंग्रेजी में 50% अंक जरूरी हैं। शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना चाहिए, दृष्टि 6/6 होनी चाहिए और उम्र 17-25 साल के बीच होनी चाहिए।

भारत में मर्चेंट नेवी की पढ़ाई के लिए प्रमुख संस्थान है इंडियन मेरिटाइम यूनिवर्सिटी (IMU), जिसका मुख्यालय कोलकाता में है और चेन्नई, मुंबई, विशाखापट्टनम और कोची में इसके कैंपस हैं। प्रवेश के लिए आईएमयूसीईटी परीक्षा होती है। इसके अलावा कई निजी संस्थान भी डीजी शिपिंग से मान्यता प्राप्त कोर्स ऑफर करते हैं।

इतनी मिलती है सैलरी (Merchant Navy Salaries)

शुरुआती स्तर पर कैडेट को कुछ हजार रुपये प्रति माह मिल सकते हैं। चार साल का कोर्स पूरा करके ऑफिसर बनने पर ₹45,000 से ₹90,000 प्रति माह तक वेतन हो सकता है। अनुभव बढ़ने पर चीफ इंजीनियर या कैप्टन के रूप में वेतन 8 लाख से 15 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकता है। तेल टैंकर या बड़े जहाजों पर वेतन अधिक होता है।

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मर्चेंट नेवी क्यों चुनें?

अगर आप तकनीकी काम में रुचि रखते हैं, दुनिया घूमना चाहते हैं, अनुशासित जीवन जी सकते हैं और अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो मर्चेंट नेवी आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। आने वाले वर्षों में शिपिंग उद्योग में रोजगार के अवसर और वृद्धि की उम्मीद है। भारत सरकार भी मैरिटाइम सेक्टर में बड़े रोजगार लक्ष्यों पर ध्यान दे रही है।

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