Su-57, MiG-31 नहीं, भारतीय सेना ने रख दी इस लड़ाकू विमान की डिमांड, नाम से कांपते हैं दुश्मन
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) ने पूरी दुनिया को भारत की ताकत से परिचित कराया। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने अहम भूमिका निभाई और पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर (Kashmir) में कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। अब वायुसेना की ताकत और बढ़ने वाली है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने और राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale fighter jets) की मांग की है। Rafale fighter jets
भारतीय वायुसेना ने लड़ाकू स्क्वाड्रनों (Air Force squadrons) की कमी को पूरा करने के लिए एमआरएफए परियोजना (MRFA project) के तहत और राफेल विमानों की मांग की है। खास बात यह है कि वायुसेना ने 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (Multi Role Fighter Aircraft) की खरीद को लेकर अपनी राय जाहिर की है। इससे फ्रांस और भारत सरकारों के बीच इस पर समझौता हो सकता है।
भारतीय वायुसेना के पास क्या क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल लड़ाकू विमानों के 29 स्क्वाड्रन (fighter aircraft) हैं। उन्हें 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है। इसके अलावा, पाकिस्तान को देखते हुए उनके पास कुल 25 स्क्वाड्रन हैं। वही, चीन को देखते हुए उनके पास 66 स्क्वाड्रन हैं। एक और खास बात यह है कि पाकिस्तान और चीन (China) के पास पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (5th generation fighter jets) हैं। वही भारत के पास सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल है, जिसे 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान (4.5 generation fighter aircraft) माना जाता है। हालाँकि, इसके बावजूद भारतीय वायुसेना पाकिस्तान पर भारी पड़ी।
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इससे पहले, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (success of Operation Sindoor) के जरिए पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया था। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने सौ से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया था। साथ ही पाकिस्तान के एयरबेस (Pakistan airbase) को भी तबाह कर दिया था। इसके अलावा, पाकिस्तान ने भारत में कई जगहों पर हमले की कोशिश भी की थी, हालाँकि, भारतीय वायुसेना ने उसे नाकाम कर दिया। अब जल्द ही भारतीय सेना (Indian Army) की ताकत में और इज़ाफ़ा होने वाला है।
इससे साफ़ तौर पर यह संदेश जाता है कि भारतीय वायुसेना की ताकत (strength of Indian Air Force) अब और बढ़ने वाली है, और भारत अपनी सुरक्षा को और मजबूत करेगा। पाकिस्तान-चीन (Pakistan-China) के लड़ाकू विमानों (fighter jets) के मुकाबले भारतीय वायुसेना अपनी आधुनिकता में कहीं अधिक सक्षम साबित हो रही है।


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