कजरी तीज व्रत: जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व और क्या करें-क्या न करें
कजरी तीज (Kajari Teej) हिंदू धर्म (Hinduism) में एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसे खासकर विवाहित महिलाएं (married women) अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए करती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं (unmarried girls) इस दिन को अपने लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश में व्रत रखती हैं।
इस दिन खासकर शिव जी (Lord Shiva) और माता पार्वती (Mata Parvati) की पूजा की जाती है और कई स्थानों पर भगवान श्री कृष्ण (Shri Krishna) का झूला सजाकर (decorating the swing) कृष्ण भजन (Krishna bhajan) भी गाए जाते हैं। यह त्योहार हर साल भाद्रपद माह (Bhadrapada month) के कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) की तृतीया तिथि (Tritiya Tithi) को मनाया जाता है। मगर इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें हैं जिन्हें जानकर इस व्रत (fast) को सही तरीके से किया जा सकता है।
ये भी पढ़ें- अच्छे काम के लिए जाते वक्त क्यों दी जाती है दही और चीनी, अंधविश्वास या विज्ञान; जानें
कजरी तीज (Kajari Teej) का शुभ मुहूर्त
वैदिक कैलेंडर (Vedic calendar) के अनुसार इस वर्ष कजरी तीज का व्रत 11 अगस्त को सुबह 10:33 बजे से शुरू होगा और यह 12 अगस्त को सुबह 8:40 बजे तक रहेगा। इस लिहाज से कजरी तीज का पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन का खास महत्व है क्योंकि इसे एक दिन के व्रत के रूप में करना विशेष पुण्य और आशीर्वाद (virtue and blessings) की प्राप्ति का कारण माना जाता है।
ये भी पढ़ें- मंदिर की घंटी सिर्फ आस्था नहीं, दिल की बीमारी में भी करती है चमत्कार
महत्व और मान्यता
कजरी तीज का व्रत महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का पर्व माना जाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन विशेष रूप से 16 श्रृंगार (16 adornments) करके पूजा (worship) करती हैं ताकि उनके पति की उम्र लंबी हो और उनके घर में समृद्धि (prosperity in the house) और खुशहाली बनी रहे। इसके अलावा महिलाएं घर में पूजा-पाठ भी करती हैं ताकि माता लक्ष्मी (Mata Lakshmi) और देवी लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) की कृपा बनी रहे और घर में सुख-शांति (peace in the house, happiness and peace in the house) का वातावरण बना रहे। इस दिन व्रति एक साथ मिलकर व्रत कथा (Vrat Katha) भी सुनती हैं जिससे व्रत का फल अधिक मिलता है।
ये भी पढ़ें- चाणक्य नीति के अनुसार, जवानी में की गई ये तीन गलतियां बुढ़ापे में सताती हैं!
क्या करें
कजरी तीज के व्रत के दौरान महिलाओं को अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करनी चाहिए। यह व्रत समर्पण, आत्मविश्वास (self-confidence) और पवित्रता (purity) का प्रतीक है। इस दिन का पालन करते हुए शरीर और मन को शुद्ध रखें। व्रत के दौरान कोई भी खाद्य पदार्थ या पानी का सेवन न करें। विवाहित महिलाओं को 16 श्रृंगार करने चाहिए और जितना संभव हो पूजा में भाग लेना चाहिए। इस दिन ब्रह्मचर्य (celibacy) का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
गर्भवती महिलाएं (pregnant women) इस दिन व्रत से बच सकती हैं क्योंकि उनके लिए ये व्रत शारीरिक रूप से कठिन (physical difficulty) हो सकता है।
क्या न करें
कजरी तीज के दिन महिलाओं को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि व्रत का प्रभाव सही रूप से हो। सबसे पहले इस दिन सफेद और काले रंग के कपड़े न पहनें। इस दिन महिलाओं को सत्विक और तामसिक (Satvik and Tamasik) चीजों से दूर रहना चाहिए। इस दिन किसी से बहस (not to quarrel) न करें और न ही किसी का अपमान करें। व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दिन अपने पति से झगड़ा करने से बचना चाहिए क्योंकि यह व्रत के फल को नकारात्मक कर सकता है।
ये भी पढ़ें- साईं बाबा के दर्शन के बाद इन लोकेशन को करें एक्सप्लोर, तस्वीरें देख दीवाने हो जाएंगे
अंत में महिलाओं को इस दिन झाड़ू नहीं लगानी (not sweeping) चाहिए क्योंकि ऐसा करने से देवी लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं, जो घर में धन की कमी का कारण बन सकता है। साथ ही गर्मी से बचने के लिए इस दिन घर के अंदर रहना बेहतर होता है।
कजरी तीज का व्रत न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि इसके उपवास के प्रभाव (effects of fasting) मानसिक शांति, घर में खुशहाली और पति-पत्नी के रिश्ते में मिठास लाने में भी सहायक माने जाते हैं। व्रत के दौरान (during the fast) उचित व्रत नियम (fasting rules, worship rules) अपनाने से इसका पूर्ण फल मिलता है।


Pingback: भीख से जुटाए 1.83 लाख, मंदिर में दान कर दी पूरी रकम