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गणेश चतुर्थी के दिन इन स्थानों पर जलाएं दीपक, घर में आएगी समृद्धि और खुशहाली

Ganesh Chaturthi 2025: सनातन परंपरा में गणेश चतुर्थी को विशेष महत्व दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणपति बप्पा के आगमन का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और विशेष भोग अर्पित करने पर विघ्नहर्ता गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

इस अवसर पर घर में दीप जलाने (Deepak Ke Upay) की परंपरा भी बेहद शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि दीप प्रज्वलन से न केवल वातावरण पवित्र होता है, बल्कि नकारात्मक शक्तियां भी समाप्त हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि गणेश चतुर्थी पर किस दिशा और स्थान पर दीप जलाना अधिक फलदायी माना गया है।

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मुख्य द्वार पर दीपक (Deepak Ke Upay)

गृहस्थ जीवन में सुख-शांति बनाए रखने का एक सरल उपाय है मुख्य दरवाजे पर हर शाम दीप प्रज्वलित करना। खासकर गणेश चतुर्थी पर यह और अधिक शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और समृद्धि का वास माना जाता है।

उत्तर-पूर्व दिशा का महत्व

वास्तु शास्त्र में ईशान कोण को अत्यंत पवित्र बताया गया है। इस दिशा में दीपक जलाने से जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और लक्ष्मी जी की कृपा बरकरार रहती है।

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बाधाओं का समाप्त होना

पर्व के दिन स्नान के उपरांत गणपति की मूर्ति के सामने दीपक अर्पित करना तथा मंत्रों का जप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इस विधि से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और जीवन की रुकावटें दूर होने लगती हैं।

तुलसी पूजन का महत्व

गणेश चतुर्थी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाकर सात अथवा पांच परिक्रमा करने की भी परंपरा है। तुलसी को लक्ष्मी जी का प्रतीक माना गया है। इसलिए तुलसी पूजन से धन-धान्य की वृद्धि होती है और आर्थिक तंगी जैसे कष्ट भी दूर हो जाते हैं।

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