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हॉकी के जादूगर major dhyan chand की चार ऐतिहासिक उपलब्धियां

भारत में जब भी हॉकी की बात होती है मेजर ध्यानचंद (major dhyan chand) का नाम गर्व से लिया जाता है। आज उनका जन्मदिन (major dhyan chand birthday) है और देश इसे राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाता है। मगर उनकी उपलब्धियाँ सिर्फ आंकड़ों में नहीं बल्कि हर उस खिलाड़ी के दिल में बसती हैं जो कुछ बड़ा करने का सपना देखता है। आज के दौर में जब खेलों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, ऐसे में ध्यानचंद की विरासत और भी अधिक दिलचस्प हो गई है। आइए नज़र डालते हैं उनके जीवन की चार ऐसी खास बातें (Awards won by dhyan chand) जिनसे देश को न सिर्फ गर्व हुआ बल्कि एक नई दिशा भी मिली।

1. ओलंपिक में भारत की स्वर्णिम शुरुआत के सूत्रधार (Awards won by dhyan chand)

ध्यानचंद वो नाम हैं जिन्होंने भारत को ओलंपिक में हॉकी के ज़रिए पहचान दिलाई। 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में उनके नेतृत्व और खेल कौशल ने भारत को निरंतर तीन बार स्वर्ण पदक दिलवाया। ये केवल पदक नहीं थे बल्कि एक राष्ट्र के खेल आत्मविश्वास की नींव थे।

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2. गोल की बारिश से रचा इतिहास

अपने (major dhyan chand) अंतरराष्ट्रीय करियर में 400 से भी ज्यादा गोल करने वाले ध्यानचंद की स्ट्राइकिंग क्षमता आज भी एक रहस्य सी लगती है। उनके खेल को देखने वाले कहते हैं कि गेंद मानो उनकी स्टिक से चिपकी रहती थी। इतने गोल किसी जादू से कम नहीं थे।

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3. 29 अगस्त: खेलों को समर्पित एक दिन

हर साल जब 29 अगस्त आता है, तो देशभर में खेलों की गूंज सुनाई देती है। यही वह दिन है जब ध्यानचंद का जन्म हुआ था, और आज इसी दिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ उन्हें याद करने का नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रतीक बन चुका है।
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4. खेल रत्न पुरस्कार को मिला नया नाम

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान को अब ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ कहा जाता है। यह बदलाव महज़ एक नामकरण नहीं था, बल्कि देश की ओर से उन्हें दी गई सच्ची श्रद्धांजलि थी, जिसने उनकी विरासत को हमेशा के लिए अमर कर दिया।

मेजर ध्यानचंद (major dhyan chand) ने जब हिटलर का सेना में कर्नल बनने का प्रस्ताव ठुकराया था, तो उन्होंने दुनिया को यह भी दिखा दिया कि सम्मान और राष्ट्रप्रेम खेल से कहीं बड़ा होता है। आज जब युवा खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं, तो ध्यानचंद की यही भावना उन्हें प्रेरणा देती है देश के लिए खेलना और पूरे दिल से खेलना।

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