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यात्रीगण कृपया ध्यान दें; ट्रेन में यात्रा के बदले नियम, वेटिंग-RAC वालों को ये फायदा

Railway News 2026: यदि आप भी नियमित रूप से ट्रेन से यात्रा करते हैं, तो आने वाला एक बड़ा बदलाव आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। भारतीय रेलवे जल्द ही यात्रा के दौरान बोर्डिंग से संबंधित नियमों में एक अहम परिवर्तन करने जा रहा है। यह बदलाव न केवल ट्रेन यात्रा के अनुभव को बदलने वाला है, बल्कि वेटिंग लिस्ट और आरएसी टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा।

यात्रियों के लिए नई व्यवस्था

अब से यदि आप अपने निर्धारित स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ते हैं, तो ट्रेन के टिकट निरीक्षक (टीटीई) आपकी सीट का इंतजार नहीं करेंगे। यह बदलाव इसलिए लाया जा रहा है ताकि खाली सीटों का बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जा सके और वेटिंग लिस्ट वाले यात्री अधिक सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकें।

नई व्यवस्था के तहत, जैसे ही ट्रेन अपने बोर्डिंग स्टेशन को छोड़ती है, यदि उस स्टेशन पर कोई यात्री अपनी सीट पर नहीं मिलता है, तो उसे तत्काल खाली माना जाएगा। टीटीई के पास अब यह विकल्प नहीं होगा कि वह उस सीट को अगले स्टेशन तक रोककर रखे।

टीटीई की नई प्रक्रिया

टीटीई अपने हैंड हेल्ड डिवाइस पर उस यात्री के बारे में “नोट टर्न अप” की जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे यह स्पष्ट होगा कि वह यात्री ट्रेन में सवार नहीं हुआ है। इसके बाद रेलवे का सिस्टम इस सीट को तुरंत खाली मान लेगा और अगली वेटिंग लिस्ट पर मौजूद यात्री को वह सीट मिल जाएगी।

यह प्रक्रिया रियल टाइम में होगी, जिससे यात्रियों को तुरंत कंफर्मेशन मिल जाएगा और वे अपनी यात्रा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। इस बदलाव से खासतौर पर उन यात्रियों को फायदा होगा जो वेटिंग लिस्ट या आरएसी टिकट पर यात्रा करते हैं।

वेटिंग लिस्ट यात्रियों के लिए राहत

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों को होगा जो वेटिंग लिस्ट पर हैं। पहले, सीट खाली होने पर, इसे अगली वेटिंग लिस्ट के यात्री को आवंटित करने में समय लगता था, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। अब यह सिस्टम स्वचालित तरीके से काम करेगा और खाली सीटों का आवंटन तुरंत किया जाएगा। इसका मतलब है कि वेटिंग लिस्ट के यात्री अब कम समय में अपनी सीट की पुष्टि कर सकेंगे।

शिकायतों में आएगी कमी

रेल मंत्रालय ने इस बदलाव को लागू करने के लिए रेलवे के सॉफ़्टवेयर में जरूरी तकनीकी सुधारों का आदेश दिया है। यह कदम डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे न केवल सीट आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि देरी और शिकायतों में भी कमी आएगी।

रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि हर ट्रेन में लगभग 3 से 5 प्रतिशत यात्री ऐसे होते हैं जो यात्रा रद्द कर देते हैं या समय पर बोर्डिंग स्टेशन तक नहीं पहुंच पाते। इससे खाली सीटें उत्पन्न होती हैं, लेकिन पहले इसे सही तरीके से प्रबंधित नहीं किया जा पाता था। अब यह नई व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि इन सीटों का प्रभावी तरीके से उपयोग हो।

अगर छूट गई है आपकी ट्रेन तो रेलवे ऐसे देगा आपका पूरा पैसा

रेलवे का मानना है कि यह नया नियम तकनीकी दृष्टिकोण से न केवल यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार को भी कम करेगा। लेकिन यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत होगी, खासकर अगर किसी कारणवश वे अपने निर्धारित बोर्डिंग स्टेशन से चढ़ने में असमर्थ रहते हैं। यदि बोर्डिंग स्टेशन बदलना हो, तो इसे ट्रेन के चार्ट बनने से कम से कम 24 घंटे पहले करना होगा, वरना सीट किसी और को आवंटित हो सकती है और आप उसे क्लेम नहीं कर पाएंगे।

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