अखिलेश के नहले पर योगी का दहला, मिशन 2027 से पहले किया खेला
SP Vs BJP 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा इलेक्शनों को लेकर सभी प्रमुख सियासी पार्टियों ने अपनी तैयारियों को तेज़ कर दिया है। सपा और बीजेपी के बीच चुनावी रणनीतियों का खेल अब ज़ोर पकड़ने लगा है और दोनों ही दल जनता को लुभाने के लिए नए-नए कदम उठा रहे हैं।
बीजेपी की पेंशन योजनाओं में इजाफा
राज्य की योगी सरकार आगामी विधानसभा चुनाव में अपने समर्थकों को आकर्षित करने के लिए बजट का सहारा लेने की योजना बना रही है। आगामी बजट में राज्य सरकार द्वारा पेंशन योजनाओं में ₹500 की बढ़ोतरी की घोषणा हो सकती है, जिससे लगभग 1 करोड़ पेंशन धारकों को प्रतिमाह ₹1500 मिलेंगे। यह कदम सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा संदेश होगा और यह उन सवालों का जवाब भी देने की कोशिश करेगा जो विपक्षी दल सरकार पर उठाते रहे हैं।
अभी तक सरकार द्वारा दी जा रही वृद्धा पेंशन, निराश्रित विधवा महिला पेंशन, और दिव्यांग जन पेंशन योजनाओं के तहत ₹1000 प्रति माह पेंशन दी जा रही है। अगर प्रस्तावित बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है, तो इन योजनाओं के लाभार्थियों को ₹1500 प्रति माह मिलेंगे। यह कदम सीधे तौर पर 2027 के चुनाव को लेकर बीजेपी की रणनीति को प्रदर्शित करता है।
क्या रहेगी सपा की रणनीति
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी भी चुनावी रण में सक्रिय है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में लखनऊ में पार्टी सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सपा नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और अपनी सरकार बनाएगी।
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सपा सांसदों ने बैठक के बाद यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता बीजेपी की सरकार के विरुद्ध जन जागरूकता फैलाना है। सपा सांसद राजीव राय ने यह भी कहा कि वह जनता को यह संदेश देंगे कि यूपी में मौजूदा सरकार अपने वादों से मुकर चुकी है और राज्य की जनता को बदलाव की जरूरत है। इसके अलावा, सपा सांसद जिया उर रहमान बर्ग ने कहा कि पार्टी की पूरी ताकत इस बात पर होगी कि किस तरह अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बना सके।
चुनावी मैदान में तगड़ी टक्कर, कौन होगा विजेता
वर्तमान में सपा और बीजेपी दोनों ही अपने-अपने तरीके से 2027 के चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं। बीजेपी जहां अपने सामाजिक सुरक्षा उपायों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रही है, वहीं सपा जनता के बीच मौजूदा सरकार के विरुद्ध एक बड़े जन आंदोलन की योजना बना रही है।
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अब सवाल यह है कि आगामी चुनावों में कौन सत्ता का ताज पहनता है। क्या समाजवादी पार्टी का 10 साल का वनवास समाप्त होगा या फिर बीजेपी अपनी हैट्रिक लगाने में सफल होगी? इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।

