तेजस्वी की सियासी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, नीतीश की जेडीयू को एक साथ लगे तीन झटके
बिहार विधानसभा चुनाव के सियासी संग्राम में तेजस्वी यादव के आरजेडी ने नीतीश कुमार की जेडीयू को एक के बाद एक तीन बड़े झटके दिए। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा जेडीयू के पूर्व विधायक राहुल शर्मा और जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन आरजेडी में शामिल हो गए। पटना में कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव ने खुद तीनों को पार्टी में शामिल कराया। जिन्होंने जदियों को सींचा उन्हें इज्जत नहीं मिल रही।
सूबे की राजधानी पटना में तेजस्वी यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन सभी को अपनी पार्टी में शामिल होने का ऐलान भी किया। तेजस्वी ने इस दौरान कहा कि बिहार की सरकार को नीतीश कुमार नहीं बल्कि दिल्ली में बैठके बीजेपी के बड़े नेता चला रहे हैं। जिन लोगों ने जदयू के लिए खून पसीना एक किया उन्हें वहां इज्जत नहीं मिल रही है। आप सब लोग को हमने पहले भी कहा था कि अब हमारे जो चाचा हैं वह अचेत अवस्था में है और जनता दल यूनाइटेड अब या बिहार सरकार आदरणीय नीतीश कुमार जी नहीं चला रहे हैं। बल्कि भाजपा दिल्ली से नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह चला रहे हैं। और जो जनता दल यूनाइटेड केवल जो चंद दो तीन लोग जो लोग हैं जो भ्रष्ट लोग हैं वही जनता दल यूनाइटेड चलाने का काम करते हैं।
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आगे कहा कि जिन लोगों ने जनता दल यूनाइटेड को सींचने का काम किया, बढ़ाने का काम किया, आज जनता दल यूनाइटेड में कोई इज्जत और कोई सम्मान नहीं है। कोई भी निर्णय अगर जनता दल यूनाइटेड में लेना होता है तो केवल हमारे मंडल जी ठीक ही कहते हैं कि सारे तीन लोग जो हैं वही निर्णय लेते हैं और आप देखिएगा धीरे-धीरे हमने पहले भी कहा यह नीतीश कुमार जी का आखिरी चुनाव है इसके बाद वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं और भाजपा जनता दल यूनाइटेड को खत्म खत्म करने का काम करेगा। इसी डर से 2022 में आदरणीय नीतीश कुमार जी हम लोगों के साथ आए और हम लोगों ने उनको समर्थन देकर के पुनः मुख्यमंत्री बनाया। उनका यही कहना था कि भाजपा के लोग उनके पार्टी को जो है तोड़ रहे हैं।
राजद में शामिल हुए कई बड़े चेहरे
जदयू सांसद गिरधारी यादव के पुत्र चाणक्य प्रकाश, संतोष कुशवाहा, पूर्व सांसद पूर्णिया, अजय कुशवाहा वैशाली से पिछली बार विधानसभा चुनाव लड़े थे। जदयू के बड़े नेता जगदीश शर्मा के पुत्र और पूर्व विधायक राहुल शर्मा। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा दमदाहा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं राहुल शर्मा घोसी विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी की ओर से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। यह कदम आरजेडी द्वारा भूमिहार समाज के बड़े नेताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
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आरजेडी में शामिल होने के बाद संतोष कुशवाहा ने क्या कहा जानिए
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जो हमारे नेता नेता थे वो उनकी जदयू थी अब उनके हाथ से निकल चुकी है। जनता दल यूनाइटेड अब तीन लोगों के द्वारा उसको गिरवी रखने के लिए उसको अंधेरे में रख के सारे सियासी फैसले लिए जा रहे हैं और आने वाले समय में जनता दल समाप्त हो जाएगी और जनता दल यूनाइटेड की जो धारणा थी कि लव पुश के साथसाथ जो अति पिछड़ा पिछड़ा दलित वंचित समाज के लोग थे उसका आधार वोट माना जाता है। लेकिन जिस तरीके से दो तीन लोगों के द्वारा हाईजैक किया गया है पार्टी को। मुझे लग रहा है कि अब जो जनता दल के निर्णय होते हैं उसमें कोई एक भी सदस्य पिछड़े वर्ग से लव कुश समाज से नहीं होते।
वहीं मगध क्षेत्र में अपनी पैठ रखने वाले राहुल शर्मा के पिता जगदीश शर्मा 1977 से 2009 तक लगातार घोसी सीट से विधायक रहे और 2009 में सांसद भी बने। उनकी पत्नी शांति शर्मा उपचुनाव के जरिए विधायक बनी।
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वही राहुल शर्मा 2010 से 2015 तक घोसी सीट से विधायक रहे। जगदीश शर्मा आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुराने मित्र बताए जाते हैं। इसलिए उनके बेटे का आरजेडी में शामिल होना राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चा का विषय है।
राहुल शर्मा ने आरजेडी के सदस्यता लेने के कहा कि जिस पार्टी को हम सभी लोगों ने खून पसीने से सीचा और यहां तक लेकर आज एक भी कोई भी पुराना सदस्य इस पार्टी का चाहे किसी स्तर पे हो ग्राम स्तर पर हो पंचायत स्तर पे हो प्रखंड स्तर पे हो जिले स्तर पर हो या राज्य स्तर पे हो वो सारे लोगों को दरकिनार करके और चंद लोगों के द्वारा इस पार्टी का हैंडलिंग किया जा रहा है। हम सभी लोगों ने तेजस्वी के नेतृत्व में अपनी श्रद्धा दिखाई है और खास करके जो इन्होंने एक बात कही रोजगार की कि सरकार अधिसूचना लाकर और हर परिवार को रोजगार देगा। इस बात से प्रभावित होकर मैं इनके साथ जुड़ने का फैसला लिया।
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आरजेडी ने कुशवाहा समुदाय के बड़े नेताओं के साधने की रणनीति के तहत अजय कुशवाहा को भी पार्टी में शामिल कराया। अजय कुशवाहा को वैशाली विधानसभा से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
कुशवाहा ने कहा कि बिहार के पूरे युवा और खास करके ये बिहार हमारा युवा प्रदेश है और पूरे बिहार के तमाम जाति धर्म संप्रदाय के सभी युवाओं ने ठान लिया है कि आने वाले समय में महागठबंधन की सरकार बनेगी और तेजस्वी यादव जी के नेतृत्व में वो सरकार आगे काम करेगी। हम लोगों ने लोक जनशक्ति पार्टी के साथ काम किया। 2010 से 2024 तक हम लोक जनशक्ति पार्टी के साथ थे। लेकिन अब तेजस्वी के साथ हैं।
आपको बता दें कि बिहार की सीटों के बंटवारे को लेकर अभी महागठबंधन और एनडीए में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मगर नेताओं के पाला बदलने से नए समीकरण बनते ही राजनीतिक माहौल और अधिक रोचक हो गया है। तेजस्वी यादव की आरजेडी के लिए यह जोड़ नीतीश कुमार की जेडीयू के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।


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