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7 दिन का अल्टीमेटम, योगी सरकार का लेखपाल भर्ती पर अब तक का सबसे बड़ा फैसला

UP Lekhpal Vacancy 2025: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की राह देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। चीफ मिनिस्टर योगी ने लेखपाल भर्ती प्रक्रिया को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उनकी इस नाराजगी का सीधा असर अब शासन और प्रशासन के गलियारों में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के तुरंत बाद राजस्व परिषद एक्शन मोड में आ गया है और भर्ती की सुस्त रफ्तार को तेज करने के लिए कमर कस ली गई है।

अधियाचन में लापरवाही पर मिली सीधी चेतावनी

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि चीफ मिनिस्टर ने पदों के विवरण में हो रही गड़बड़ियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। सूत्रों के मुताबिक सीएम ने राजस्व परिषद के चेयरमैन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि पदों की गणना और भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का साफ संदेश है कि जो भी खामियां हैं उन्हें तुरंत दूर किया जाए ताकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

एक हफ्ते के भीतर मांगी गई पूरी रिपोर्ट

चीफ मिनिस्टर के निर्देश मिलते ही राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को एक पत्र लिखकर तत्काल जवाब मांगा है। विभाग को अब केवल सात दिनों के भीतर लेखपाल के रिक्त पदों की संशोधित और सटीक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इस अल्टीमेटम ने विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है क्योंकि अब अधिकारियों को तय समय सीमा के अंदर सारा डेटा दुरुस्त करके देना होगा।

8 हजार पदों पर आरक्षण के कड़े नियम

वर्तमान में लेखपालों (UP Lekhpal Bharti) के लगभग 7994 पद खाली बताए जा रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि आरक्षण के नियमों का अक्षरशः पालन होना चाहिए।

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उन्होंने वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल आरक्षण को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने की हिदायत दी है। भर्ती में पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के लिए 2 प्रतिशत का कोटा निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर वर्ग को नियमानुसार उनका हक मिले।

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युवाओं के लिए जल्द खुलेंगे उम्मीदों के द्वार

सीएम के इस ‘एक्शन मोड’ से यह साफ हो गया है कि प्रदेश सरकार रिक्त पदों को भरने के लिए कितनी गंभीर है। लेखपालों की कमी से न केवल राजस्व के काम प्रभावित हो रहे थे बल्कि युवाओं में भी निराशा बढ़ रही थी। अब जबकि खुद सीएम ने कमान संभाली है तो उम्मीद जताई जा रही है कि भर्ती प्रक्रिया बहुत जल्द अपनी मंजिल तक पहुंचेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द चयन की कार्रवाई पूरी करें ताकि पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल सके।

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