गाड़ी का लोन चुका दिया, ये 5 काम जरूर करें वरना फंस सकते हैं
अगर आपने हाल ही में गाड़ी फाइनेंस पर खरीदी है या खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि ईएमआई खत्म होते ही गाड़ी उनकी हो जाती है, मगर असलियत इससे थोड़ा अलग है। जब तक वाहन की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में मालिकाना हक आपके नाम पर अपडेट नहीं होता, तब तक गाड़ी पर आपका पूरा अधिकार नहीं होता।
गाड़ी का मालिक कौन
जब आप कोई गाड़ी लोन लेकर खरीदते हैं, तो तकनीकी रूप से उसका मालिक बैंक या फाइनेंस कंपनी होती है। यह बात RC पर भी साफ तौर पर दर्ज होती है। RC में “Hypothecated to XYZ Bank” जैसी लाइन इसका सबूत होती है। इसका मतलब यह कि वाहन पर बैंक का बंधक (hypothecation) दर्ज है और आप सिर्फ उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
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तो सवाल यह है कि लोन चुकाने के बाद क्या करना जरूरी है ताकि गाड़ी पूरी तरह से आपकी मानी जाए? आइए समझते हैं यह प्रक्रिया आसान भाषा में।
1. लोन की पूरी रकम चुकाएं
गाड़ी पर लिया गया लोन पूरी तरह चुका देना पहला कदम है। इसमें सभी ईएमआई और उस पर लगने वाला ब्याज शामिल होता है। जब आखिरी किस्त भी भर दी जाती है, तो फाइनेंस कंपनी की ओर से आपको एक NOC (No Objection Certificate) दिया जाता है।
2. बैंक से जरूरी दस्तावेज हासिल करें
- लोन बंद होने के बाद आपको अपने बैंक या फाइनेंस कंपनी से तीन जरूरी दस्तावेज लेने होते हैं:
- NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट)
- Form 35 (यह दस्तावेज गाड़ी से बंधक हटवाने के लिए जरूरी है)
- लोन क्लोजर लेटर
इन कागजातों के बिना आप अगला कदम नहीं उठा सकते।
3. RTO में दस्तावेज जमा करना
अब आपको ये दस्तावेज अपने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में जमा कराने होते हैं। इसके बाद RTO आपकी गाड़ी के रिकॉर्ड से बैंक का नाम हटा देता है। ये प्रक्रिया Hypothecation Removal कहलाती है।
जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो आपको एक नई RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) जारी की जाती है, जिसमें सिर्फ आपका नाम होता है। अब आप वाहन के वैध और संपूर्ण मालिक बन जाते हैं।
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4. फीस और समय सीमा
हाइपोथिकेशन हटाने की प्रक्रिया में मामूली शुल्क लगता है, जो कि करीब 200 से 500 रुपये के बीच होता है (राज्य के नियमों के अनुसार थोड़ा फर्क हो सकता है)। नई RC बनने में आमतौर पर 15 से 30 दिन का समय लगता है। अगर इससे ज्यादा देरी हो रही है, तो RTO कार्यालय में जाकर जानकारी जरूर लें।
5. बीमा कंपनी को सूचित करें
नई RC मिलने के बाद अपनी बीमा कंपनी को इसकी कॉपी और NOC उपलब्ध कराना न भूलें। इससे आपकी पॉलिसी अपडेट हो जाएगी और भविष्य में किसी दावे पर कोई अड़चन नहीं आएगी।

