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Israel Iran Conflict पर दो गुटों में बंटी दुनिया, जानिए कौन सा देश किसके साथ और भारत किसके साथ

Israel Iran Conflict: इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर पूरी दुनिया दो धड़ों में बंट गई है। इजराइल का दावा है कि उसकी कार्रवाई दुनिया के अस्तित्व को बचाने के लिए है। ईरान परमाणु हथियार (Iran nuclear weapons) बनाने के करीब है और उसे रोकना जरूरी है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और इटली जैसे देश इजराइल की कार्रवाई का खुलकर समर्थन कर रहे हैं? वही चीन, यमन और इराक इसके खिलाफ हैं।

वहीं, भारत (India’s role Israel Iran) ने शनिवार को कहा कि वह इजराइल-ईरान संघर्ष पर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के बयान पर चर्चा में शामिल नहीं हुआ। इस बीच, भारत ने तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति की अपील की। ​​विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अपने बयान में कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने ईरानी समकक्ष के साथ इस मामले पर चर्चा की और घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गहरी चिंता से अवगत कराया।

इटली

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने बातचीत की अपील की है। बयान में कहा गया है कि तजानी ने ईरान से इजराइल के साथ संघर्ष (Israel Iran Conflict) में सैन्य वृद्धि से बचने का आग्रह किया, जो पूरे क्षेत्र के लिए बहुत खतरनाक होगा।

पाकिस्तान

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ट्विटर पर लिखा कि मैं ईरान पर अनुचित इजराइली हमलों की कड़ी निंदा करता हूं। पाकिस्तान ईरान की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है।

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तुर्की

इजरायल के हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हवाई हमला दिखाता है कि इजराइल कूटनीतिक तरीकों से मुद्दों को हल नहीं करना चाहता है।

फ्रांस

फ्रांस ने सभी पक्षों से आगे और तनाव बढ़ाने से बचने का आग्रह किया। विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने एक्स पर पोस्ट किया कि पेरिस ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के बारे में चिंतित है और इजरायल के साथ खड़ा है।

कतर

कतर ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इजरायल के उल्लंघन को तुरंत रोकने का आह्वान किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कतर इजरायल के हमले की कड़ी निंदा करता है और इसे ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का घोर उल्लंघन मानता है।

यूके

ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ईरान पर इजरायल के हमले चिंताजनक हैं और सभी पक्षों को पीछे हटने और तनाव कम करने की आवश्यकता है। इजरायल को आत्मरक्षा का अधिकार है

चीन

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन इस अभियान के गंभीर परिणामों को लेकर बहुत चिंतित है। बीजिंग ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों की बारीकी से निगरानी कर रहा है और उनका विरोध करता है।

जर्मनी

चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि दोनों पक्षों को ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकते हैं। इजरायल को अपने अस्तित्व और अपने नागरिकों की सुरक्षा की रक्षा करने का अधिकार है। जर्मनी चिंता व्यक्त करता रहा है।

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