35 दिन में सिमटेगा Bihar Chunav, जानिए तारीखों का पूरा प्लान
Bihar Chunav: बिहार की सियासत में इन दिनों एक बार फिर चुनावी हलचल तेज हो गई है। राज्य की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने को है, और चुनाव आयोग भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। कोरोना काल के बाद यह पहला बड़ा चुनाव होगा, ऐसे में आयोग के सामने समय की चुनौती के साथ-साथ पारदर्शिता और सुचारु संचालन भी एक बड़ी जिम्मेदारी है।
35 दिनों में सिमटेगी पूरी चुनावी कवायद
चुनाव आयोग इस बार बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav) को लगभग 35 दिनों के भीतर निपटाने की रणनीति पर काम कर रहा है। योजना के अनुसार, अधिसूचना जारी करने से लेकर मतगणना और परिणामों की घोषणा तक की पूरी प्रक्रिया नवंबर के पहले दस दिनों में पूरी कर ली जाएगी। आयोग की कोशिश है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि जो कि 30 सितंबर तय की गई है उसके के बाद बिना देरी के चुनावी शंखनाद कर दिया जाए।
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अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगी चुनावी अधिसूचना
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे राजनीतिक दलों के प्रचार अभियान पर भी नियंत्रण शुरू हो जाएगा। मतदान की प्रक्रिया अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से आरंभ होकर नवंबर के पहले सप्ताह तक संपन्न हो सकती है। वहीं नतीजे 10 या अधिकतम 12 नवंबर तक घोषित किए जाने की संभावना है।
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संभावित चुनावी कार्यक्रम इस प्रकार हो सकता है:
- 1 अक्टूबर: चुनाव कार्यक्रम की घोषणा व आदर्श आचार संहिता लागू
- 5 अक्टूबर: पहले चरण की अधिसूचना जारी
- 12 अक्टूबर: नामांकन भरने की अंतिम तिथि
- 13 अक्टूबर: नामांकन पत्रों की जांच
- 14-15 अक्टूबर: नाम वापस लेने की अंतिम तिथि
- 30 या 31 अक्टूबर: पहले चरण का मतदान
- 10 अक्टूबर (संभावित): दूसरे चरण की अधिसूचना
- 5 नवंबर तक: दूसरे चरण का मतदान
- 10 नवंबर से पहले: मतगणना और परिणाम की घोषणा
243 सीटों पर एक या दो चरणों में होगा मतदान
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे, जिन्हें एक या दो चरणों में संपन्न कराया जा सकता है। आयोग की रणनीति है कि पूरे राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराया जाए। हालांकि, समय सीमित है, फिर भी आयोग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को नामांकन और प्रचार-प्रसार के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।


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