टूटी हड्डियाँ, अटूट हिम्मत; घायल होने के बाद भी इन 5 क्रिकेटरों ने मैदान पर दिखाया दम
क्रिकेट (Cricket) केवल रन बनाने और विकेट लेने का खेल नहीं है, ये आत्मबल, संघर्ष, और कभी-कभी असहनीय पीड़ा के बीच भी डटे रहने का नाम है। हाल ही में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 (Anderson-Tendulkar Trophy 2025) में इंग्लैंड vs इंडिया (England vs India) के मुकाबले जब ऋषभ पंत (Rishabh Pant) टूटा हुआ अंगूठा (Batting With a Broken Thumb) होने के बावजूद मैदान में बल्लेबाजी करने लौटे तो उन्होंने सिर्फ रन ही नहीं बनाए बल्कि खेल भावना (sportsmanship) का वो चेहरा दिखाया जिसे कोई आंकड़ों में नहीं माप सकता। आइए ऐसे ही कुछ क्षणों पर नज़र डालते हैं जब क्रिकेट के रणबांकुरों ने गंभीर चोटें (serious injuries) झेलते हुए भी मैदान छोड़ने से इनकार कर दिया।
फ्रैक्चर के बाद भी संघर्ष जारी (Struggle In Cricket)
इंग्लैंड के विरुद्ध चौथे टेस्ट में जब पंत को क्रिस वोक्स की गेंद लगी तो स्कैन में सामने आया कि उनके पैर की अंगुली में फ्रैक्चर है। वह रिटायर्ड हर्ट (comeback after retiring hurt) होकर वापस गए लेकिन इसके बावजूद बाद में टीम की ज़रूरत महसूस कर वो फिर क्रीज़ पर लौटे। 75 गेंदों में 54 रन की जुझारू पारी ने न केवल स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाया बल्कि दर्शकों को भारतीय क्रिकेट (Indian cricket) के साहसिक पहलू से भी रूबरू कराया। Struggle In Cricket
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टूटा जबड़ा फिर भी लारा का शिकार
2002 में वेस्टइंडीज के विरुद्ध एंटीगुआ टेस्ट में अनिल कुंबले (Anil Kumble) को मर्विन डिलन (Mervyn Dillon) की गेंद उनके चेहरे पर लगी और उनका टूटा हुआ जबड़ा (broken jaw) हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी लेकिन कुंबले ने मैदान नहीं छोड़ा। उन्होंने न केवल गेंदबाजी की बल्कि ब्रायन लारा (Brian Lara) जैसे दिग्गज को आउट कर अपने जज़्बे की बेमिसाल कहानी लिखी। ये वो क्षण था जब कुंबले का जुनून उनकी तकलीफ पर भारी पड़ गया।
दर्द से जूझते हुए रचा इतिहास
2023 वर्ल्ड कप (2023 World Cup) में अफगानिस्तान के विरुद्ध ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) की पारी को क्रिकेट प्रेमी कभी नहीं भूलेंगे। जब वो 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन बनाकर लौटे तो शरीर में ऐंठन से वो बार-बार ज़मीन पर गिरते दिखे। बावजूद इसके उन्होंने न हिम्मत हारी और न ही क्रीज़ छोड़ा। इस पारी को आधुनिक क्रिकेट की सबसे अविश्वसनीय और अनूठी पारियों (unique innings) में गिना जाता है।
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टूटा हाथ होने के बावजूद किया मुकाबला
2009 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सिडनी टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट (South Africa cricket) के कप्तान ग्रेस्मे स्मिथ (Graeme Smith) के हाथ में गंभीर चोट थी और डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल विश्राम की सलाह दी थी। लेकिन जब अंतिम विकेट गिरने वाला था तो टीम को बचाने के लिए स्मिथ टूटा हुआ हाथ (broken hand) लेकर बैटिंग करने लौटे। भले ही टीम हार गई, पर स्मिथ की ये कोशिश हर क्रिकेट प्रशंसक के दिल में हमेशा ज़िंदा रहेगी।
खून बहा पर मैदान न छोड़ा
2011 वर्ल्ड कप (2011 World Cup) के क्वार्टर फाइनल में भारत के विरुद्ध फील्डिंग के दौरान ब्रेट ली (Brett Lee) की भौंह पर गेंद लग गई। गहरा कट लगने के बावजूद उन्होंने मैदान छोड़ा नहीं, सिर्फ इलाज के लिए कुछ समय बाहर रहे और फिर प्लास्टर लगवाकर वापस मैदान में उतरे। ये घटना एक जुझारू खिलाड़ी की दृढ़ता (dedication in sports) और जोश (passion) को दर्शाती है।


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