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स्मार्ट सिटी में डूबी जिंदगी, अखिलेश यादव ने बारिश-बाढ़ पर साधा योगी सरकार पर निशाना

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में निरंतर हो रही भारी बारिश (heavy rain) अब जनजीवन के लिए गंभीर संकट (public life affected) बनती जा रही है। राज्य के कई जिले खासकर पूर्वांचल (Purvanchal) के वाराणसी (Varanasi) और प्रयागराज (Prayagraj) बाढ़ (flood) की चपेट में आ गए हैं। इन शहरों की मुख्य सड़कें जलमग्न (waterlogging) हैं और सामान्य जनजीवन लगभग ठप हो गया है। निचले इलाकों (low-lying areas) में पानी भरने के कारण लोगों को दफ्तर और अन्य जरूरी जगहों पर पहुंचने के लिए नावों (boat) का सहारा लेना पड़ रहा है।

बढ़ता जलस्तर (water level) और शहरों की लाचारी heavy rain

वाराणसी (Varanasi) में गंगा नदी (Ganga river) का जलस्तर खतरे की सीमा को पार कर गया है, जिससे अस्सी, नगवा और मैदागिन जैसे इलाके डूब गए हैं। प्रयागराज (Prayagraj) में भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं। ससुर खदेरी नदी (Sasur Khaderi river) के उफान पर आने से करेला बाग जैसे क्षेत्रों में अचानक पानी भर गया, जिससे लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।

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स्थानीय निवासी न केवल अपने घरों से निकलने में असमर्थ हैं बल्कि कुछ को तो नाव या ट्यूब (boat) के सहारे ही बाहर निकलने की कोशिश करते देखा गया। एक व्यक्ति ने बताया कि सुबह होते ही पानी हमारे घर में घुस गया, बिजली भी नहीं है। दफ्तर जाना हो तो नाव ही विकल्प है। heavy rain

प्रशासनिक सक्रियता बनाम जमीनी हकीकत (administrative negligence)

बाढ़ की गंभीरता (flood crisis) को देखते हुए राज्य के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने हमीरपुर में हवाई सर्वेक्षण (aerial survey) किया और राहत शिविरों (relief camp) व सुविधाओं का जायजा लिया। हालांकि ज़मीनी हालात इस बात की गवाही नहीं देते कि व्यवस्थाएं पर्याप्त हैं। राहत कैंपों में भीड़ है, संसाधनों की कमी है और अस्थायी ठिकानों में रह रहे लोग गर्मी और मच्छरों की मार झेल रहे हैं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप (political allegations) भी तेज़

इस आपदा की आड़ में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा सरकार की ‘स्मार्ट सिटी’ (smart city) परियोजनाओं पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि करोड़ों की लागत के बावजूद प्रयागराज (Prayagraj flood) के लोग जलभराव (Varanasi waterlogging) में फंसे हैं और यह पूरी योजना भ्रष्टाचार (corruption) की मिसाल बनकर रह गई है।

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