india us tariff tensions 2025: टैरिफ युद्ध में भारत की जीत पक्की, झुके ट्रंप
india us tariff tensions 2025: अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया भारी भरकम टेरिफ अब कम हो सकता है। रिपोर्ट की मानें तो भारत अमेरिका ट्रेड वॉर अब खत्म होने की कगार पर है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच अटकी टेरिफ डील अब लगभग तय हो चुकी है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने भारत पर जो 50% तक भारीभरकम टेरिफ बम गिराया था वो अब घटकर सिर्फ 15 से 16% तक ही रह सकता है।
मतलब दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्तों की बर्फ पिघल चुकी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नई ट्रेड डील में कृषि यानी कि एग्रीकल्चर और ऊर्जा यानी कि एनर्जी सेक्टर्स को खास तरजीह दी जा रही है। इतना ही नहीं बातचीत में एक बड़ा मुद्दा भारत का रूस से तेल खरीदना भी है। इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि भारत आने वाले समय में अपने सबसे पक्के दोस्त रूस से तेल पर निर्भरता कुछ कम कर सकता है।
ट्रंप और मोदी जल्द कर सकते हैं मुलाकात
सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा समझौता इसी महीने के आखिरी तक यानी कि आसियान शिखर सम्मेलन से पहले फाइनल हो सकता है। इस सम्मेलन में नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुलाकात भी कर सकते हैं। उसके बाद दोनों देश मिलकर इसकी औपचारिक घोषणा भी करेंगे। हालांकि अब तक ना तो भारत और ना ही अमेरिका की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है।
मगर हां, यह जरूर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पत्रकारों को जवाब देते हुए यह जरूर कह चुके हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी फोन पर बात हुई है। वहीं अगर यह रिपोर्ट सही निकली तो आने वाले समय में यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों का गेम चेंजर भी साबित हो सकता है।
घट सकता है भारतीय सामानों के निर्यात पर लगने वाला भारी-भरकम टैक्स
अगर यह समझौता हो जाता है तो भारतीय सामानों के निर्यात पर लगने वाला भारी-भरकम 50% का टैक्स घटकर 15 से 16% के बीच आ सकता है। यह भारत के एक्सपोर्टर्स और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत होगी। अमेरिका के इस कदम के पीछे एक बड़ी वजह चीन भी माना जा रहा है।
दरअसल अमेरिका अपने कृषि उत्पादों के लिए नए खरीदार तलाश रहा है। क्योंकि चीन ने अमेरिकी मक्के का आयात काफी कम कर दिया है। साल 2022 में जहां चीन ने अमेरिका से 5.2 बिलियन का मक्का खरीदा था, वहीं 2024 में यह आंकड़ा गिरकर महज $31 मिलियन रह गया है। इससे अमेरिका के कुल मक्के का निर्यात 2024 में घटकर 13.7 मिलियन रह गया है। जो पहले इससे कहीं ज्यादा था।
अगर भारत अमेरिका के साथ अपनी डील करता है तो बदले में अमेरिका भी भारतीय वस्तुओं पर टेरिफ में कमी कर सकता है। इससे टेरिफ 50% से घटकर 15 से 16% ही रह जाएगा। इस कमी से भारतीय निर्यात, खासकर कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान और दवाइयों जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी बाजार में ज्यादा कंपटीशन हो सकता है। यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार यानी कि सीईए वी आनंद नागेश्वरन ने अमेरिका के साथ टेरिफ विवाद के जल्द सुलझने की उम्मीद जताई थी।
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उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों देशों के बीच 25% के रेसिप्रोकल टेरिफ को घटाकर 10 से 15 के बीच लाने पर बातचीत चल रही है। और अगर यह बातचीत सफल रही और डील हो गई तो भारतीय एक्सपोर्टर्स को खासा फायदा मिलेगा और भारत की अर्थव्यवस्था एक बार फिर तेजी से पटरी पर लौट आएगी। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बिगड़े रिश्तों में भी सुधार होगा। और तो और 2025 की india us tariff tensions भी दूर हो जाएगी।


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