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नाम-पता सब ‘गायब’, आपका नया आधार कार्ड दिखेगा ऐसा; अभी नहीं देखा तो पछताओगे

रोजमर्रा की जिंदगी में आधार कार्ड ऐसा दस्तावेज बन चुका है जिसके बिना बैंक अकाउंट खुलवाना हो या होटल में कमरा लेना हो कुछ भी मुश्किल लगता है। लेकिन जितना यह सुविधाजनक है उतनी ही तेजी से इसके दुरुपयोग की खबरें भी सामने आ रही हैं। नाम पता जन्मतिथि जैसी निजी जानकारियां चंद सेकंड में गलत हाथों में पहुंच जा रही हैं और लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।

गोपनीयता को सबसे बड़ा खतरा

सबसे डराने वाली बात यह है कि कई बार तो आधार धारक को खुद पता ही नहीं चलता कि उसकी जानकारी कहां कहां इस्तेमाल हो गई। होटल स्कूल और इवेंट आयोजक बिना सोचे समझे आधार कार्ड की फोटोकॉपी ले लेते हैं और कहीं सर्वर पर स्टोर कर देते हैं। एक बार डेटा लीक हुआ तो फिर वापस लाना नामुमकिन।

सरकार ला रही है नया आधार कार्ड

इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए यूआईडीएआई अब बिल्कुल नए डिजाइन वाला आधार कार्ड लाने की तैयारी कर रहा है। इस नए कार्ड पर आपका नाम पता जन्मतिथि या कोई दूसरी निजी जानकारी छपी हुई नहीं होगी। सिर्फ आपकी फोटो और एक क्यूआर कोड होगा।

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ये क्यूआर कोड कैसे काम करेगा?

जब भी कोई आपकी पहचान जांचना चाहेगा तो वह क्यूआर कोड स्कैन करेगा। सारी जरूरी जानकारी एन्क्रिप्टेड रूप में इसी कोड के अंदर रहेगी। सामने वाला व्यक्ति आपका नाम पता या दूसरी डिटेल देख ही नहीं पाएगा। वेरिफिकेशन हो जाएगा लेकिन आपकी प्राइवेसी बरकरार रहेगी।

सीईओ ने खुद दी जानकारी

हाल ही में एक सम्मेलन में यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भुवनेश कुमार ने बताया कि दिसंबर से नए नियम आने की संभावना है। उनका साफ कहना था कि कार्ड पर फोटो और क्यूआर कोड के अलावा बाकी जानकारी छापने की कोई जरूरत नहीं। जितना कम लिखा होगा उतना ही सुरक्षित रहेगा। जो लोग दुरुपयोग करते हैं वे वही पुरानी छपी हुई जानकारी का गलत फायदा उठाते हैं।

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कानून पहले से ही सख्त है लेकिन पालन नहीं होता

दरअसल आधार अधिनियम में पहले से स्पष्ट है कि बिना सहमति के किसी का आधार नंबर या बायोमेट्रिक डेटा इकट्ठा करना स्टोर करना या ऑफलाइन वेरिफिकेशन करना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसा करने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। फिर भी ज्यादातर संस्थाएं फोटोकॉपी मांगती रहती हैं। नया कार्ड इसी आदत को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

आप खुद भी रख सकते हैं अपना डेटा लॉक

अगर आप और सतर्क रहना चाहते हैं तो अभी भी अपना बायोमेट्रिक डेटा लॉक कर सकते हैं। लॉक करने के बाद सिर्फ ओटीपी से ही वेरिफिकेशन होगा। फिंगरप्रिंट या आंख की स्कैनिंग कोई नहीं कर पाएगा।

आने वाले दिनों में बदलाव तय

यूआईडीएआई का मानना है कि नया कार्ड गोपनीयता बढ़ाने के साथ साथ दुरुपयोग को भी काफी हद तक रोक देगा। होटल और इवेंट आयोजकों को ऑफलाइन वेरिफिकेशन बंद करना होगा और उम्र जैसी बेसिक जांच भी प्राइवेसी बनाए रखते हुए हो सकेगी।

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