SIR के बहाने इस जाति के वोटर्स के नाम काटे जा रहे हैं, अखिलेश यादव का बड़ा आरोप
एसआईआर (SIR) के नाम पर ओबीसी वोटर्स के नाम काटे जा रहे हैं। यादवों के नाम काटे जा रहे हैं ताकि विपक्ष को कमजोर किया जा सके। वो जानते हैं कि हम और आप आबादी में ज्यादा हैं। हम लोग गिनती में ज्यादा हैं। इसीलिए एसआईआर हो रहा है।
कानपुर देहात में आयोजित एक सभा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर बड़ा खुलासा करते हुए यह आरोप लगा दिए हैं और कहा है कि वह जानते हैं हम और आप आबादी में ज्यादा हैं इसलिए एसआईआर कराया जा रहा है। अखिलेश यादव कहते हैं कि यह लोग जानते हैं कि हमारे सामने टिक नहीं पाएंगे। जानते हैं अगर SIR के साथ ये भी आंकड़े जोड़ दिए तो ये लोग 90% वोट डाल देंगे। हमारा मशीन भी कुछ नहीं कर पाएगी। इसलिए मैं आप पीडीए के लोगों से और तमाम पीड़ित दुखी लोगों से निवेदन करने आया हूं कि आपको अपना 90% वोट डालना पड़ेगा
सपा प्रमुख (Akhilesh Yadav) ने ओबीसी वोटर्स के नाम काटे जाने वाली बात सिर्फ ऐसे ही आरोप लगाने के लिए नहीं कही है। अभी कुछ दिन पहले गोंडा में बीएलओ विपिन यादव की मौत हुई थी। उस बीएलओ के परिजनों ने आरोप लगाए थे कि अधिकारियों की तरफ से ओबीसी वोटर्स के नाम काटने का दबाव बनाया जा रहा था। जिस वजह से उसने सुसाइड कर लिया। इसका खुलासा खुद बीएलओ विपिन यादव के परिजनों ने किया। परिजनों का कहना था कि एसडीएम और लेखपाल विपिन पर जोर डाल रहे थे।
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परिजनों ने साफ तौर पर एसडीएम, बीडीओ और लेखपाल पर आरोप लगाते हुए कहा था कि इन अधिकारियों ने ओबीसी वोटर्स के नाम काटने का दबाव बनाया था। जिस वजह से बीएलओ ने सुसाइड कर लिया। आप खुद समझिए कि आखिर ओबीसी वोटर्स के ही नाम क्यों कटवाए जा रहे हैं? क्यों ओबीसी वोटर्स से भारतीय जनता पार्टी इतना डर रही है? इसका जवाब आपको अखिलेश यादव के बयान में मिल गया होगा।
बीजेपी को सता रहा है ये डर
अखिलेश यादव कहते हैं कि भाजपा यह समझ चुकी है कि अगर 90% जनता ने एक मुश्त होकर एक साथ मतदान कर दिया तो भारतीय जनता पार्टी अपना खेल नहीं कर पाएगी। अखिलेश यादव जब यह बात कहते हैं तो वहां मौजूद जनता अखिलेश यादव की इस बात का समर्थन भी करती है। अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा है कि बिहार में हम हारे नहीं हैं बल्कि हराए गए हैं। अखिलेश यादव यह भी कहते हैं कि एसआईआर के नाम पर वोट काटे जा रहे हैं।
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तो वहीं दूसरी तरफ कम समय पर कराए जा रहे एसआईआर (SIR) पर भी अखिलेश यादव ने हमला बोला। कहा कि यह देशवासियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश की जा रही है जो अंग्रेजों की गुलामी से भी खराब स्थिति में ले जाएगी। ये समय जागने का है और एक-एक वोट बचाने का है।
पूर्व सीएम यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग के मिलीभगत पर भी सवाल उठाते हुए कहते हैं कि भाजपा के संघीय साथी और चुनाव आयोग मिलकर पूरी चुनावी व्यवस्था का अपहरण कर रहे हैं। इसी दौरान बीएलओ की मौत पर बात करते हुए सपा प्रमुख कहते हैं कि इसको लेकर हम संसद में आवाज उठाएंगे और ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग करेंगे। इससे पहले अखिलेश यादव ने मृतक बीएलओ की मौत पर पार्टी फंड से लाखों की सहायता देने की भी जो घोषणा है वह की थी ।
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वहीं सपा की तरफ से चुनाव आयोग को एक शिकायती लेटर भी लिखा गया है। इस लेटर के मुताबिक कानपुर देहात के रसूलाबाद में भाजपाई मानसिकता के बीएलओ नियुक्त किए गए हैं जो विपक्ष के मतदाताओं को ना ही फॉर्म दे रहे हैं और अगर फॉर्म मिल भी जाए तो उसको जमा नहीं कर रहे हैं। इसको लेकर सपा ने चुनाव आयोग से शिकायत कर एक्शन लेने की मांग की है और साथ ही अखिलेश यादव ने यह भी आवाज उठाई है कि जिस तरीके से ओबीसी वोटर्स के नाम काटे जा रहे हैं उस पर रोक लगाई जाए।


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