उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव कब होंगे, जानें चुनाव आयोग और सरकार की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अब एक और सवाल गूंज रहा है: क्या इन चुनावों में कोई देरी होगी? ओम प्रकाश राजभर जो पंचायत राज मंत्री हैं, निरंतर कह रहे हैं कि चुनाव समय पर होंगे, मगर ऐसा लगता नहीं है कि चुनावों के लिए कोई खास तैयारी चल रही हो। उनकी ओर से बार-बार यह दावा किया जा रहा है कि अप्रैल से जुलाई के बीच पंचायत चुनाव करवा लिए जाएंगे और इस पर तैयारियां फरवरी से शुरू हो जाएंगी।
चुनाव की तारीखों पर उठते सवाल
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर निरंतर चर्चाएं हो रही हैं। इन इलेक्शनों को लेकर समय सीमा का मुद्दा और चुनावी प्रक्रिया पर कई तरह की राय बन रही हैं। ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक, चुनाव बिना किसी देरी के निर्धारित समय पर होंगे। इसके लिए सभी चुनावी सामग्री छपकर जिला स्तर पर पहुंच चुकी है और मतदाता सूची भी तैयार की जा रही है। 28 तारीख को मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार दोनों ने इस बात की पुष्टि की है कि चुनाव समय पर कराए जाएंगे।
2027 की जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं का असर
हालांकि, कुछ समय पहले यह चर्चाएं भी चल रही थीं कि 2027 की जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं के कारण पंचायत चुनावों में देरी हो सकती है। ओम प्रकाश राजभर ने इस बात को खारिज किया है और कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह से सही दिशा में चल रही है और इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी।
बीजेपी नेताओं के अंदरूनी विचार
हालाँकि, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच इस पर खास चर्चा है। ऑफ द रिकॉर्ड, कुछ भाजपा नेता मानते हैं कि अगर पंचायत चुनाव अब होते हैं, तो यह पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता है। वे मानते हैं कि इससे कार्यकर्ता नाराज हो सकते हैं और चुनावी समर में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई नेताओं ने वादा किया है कि उन्हें ब्लॉक प्रमुख बनने का मौका मिलेगा और यदि इनमें से कुछ को वादा न पूरा होने पर नाराजगी होगी तो बाकी कार्यकर्ता विरोध में खड़े हो सकते हैं।
गांवों में हलचल, मगर चुनावी माहौल ठंडा
गांवों में पंचायत चुनाव को लेकर माहौल गर्म हो गया था। पोस्टर, होल्डिंग्स और गांव-गांव में युवाओं की सक्रियता भी बढ़ गई थी। मगर अब ओम प्रकाश राजभर के बयान से एक नई ऊर्जा आई है और लगता है कि अब इलेक्शनों के लिए गांवों में फिर से हलचल बढ़ सकती है।
अंतिम फैसला: चुनाव वक्त पर होंगे या नहीं?
हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि पंचायत चुनाव तय समय पर होंगे या नहीं। ओम प्रकाश राजभर ने अप्रैल से जुलाई के बीच चुनाव कराने का दावा किया है, मगर यह केवल एक घोषणा है। इन चुनावों की वास्तविक स्थिति और तैयारियों पर कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है।
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तो, क्या आप मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर होंगे, या फिर कुछ और देरी हो सकती है? यह सवाल अब जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।

