ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना पड़ सकता है महंगा, मुफ्त रिफंड का लालच और खाली हो गया अकाउंट
Food Delivery Fraud: आज के समय में ऑनलाइन फूड डिलीवरी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। कुछ ही मिनटों में मोबाइल ऐप के जरिए ऑर्डर करना और घर बैठे खाना मिल जाना आम बात हो गई है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें फूड डिलीवरी का नाम लेकर लोगों से ठगी की गई है।
कैसे लोगों को निशाना बना रहे हैं साइबर ठग
साइबर अपराधी सबसे पहले फूड डिलीवरी से जुड़ा कॉल या मैसेज करते हैं। कई बार वे खुद को किसी फूड डिलीवरी ऐप का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताते हैं। इसके बाद कहा जाता है कि आपका ऑर्डर किसी कारण से रद्द हो गया है और आपको रिफंड दिया जाएगा।
रिफंड देने के नाम पर एक लिंक भेजा जाता है या फिर ओटीपी मांगा जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक को खोलता है या ओटीपी साझा करता है। उसके बैंक खाते से पैसे निकलने का खतरा पैदा हो जाता है।
नकली ऐप और वेबसाइट से भी हो रही ठगी
कुछ मामलों में ठग असली फूड डिलीवरी ऐप जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट या ऐप तैयार कर लेते हैं। लोग इसे असली समझकर अपनी बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारी भर देते हैं। इसके बाद साइबर अपराधियों को सीधे उनके अकाउंट तक पहुंच मिल जाती है।
इसके अलावा कई बार खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर घर तक पहुंचने और पेमेंट अपडेट कराने का बहाना भी बनाया जाता है। इस तरह अलग-अलग तरीकों से लोगों की निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है।
इन सावधानियों से बच सकते हैं आप
- फूड डिलीवरी से जुड़े ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें।
- ऑर्डर से जुड़ी जानकारी हमेशा आधिकारिक ऐप में जाकर ही चेक करें।
- रिफंड या पेमेंट अपडेट के नाम पर भेजे गए लिंक को न खोलें।
- ओटीपी, बैंक डिटेल या कार्ड नंबर किसी के साथ साझा न करें।
कस्टमर केयर के नाम पर जानकारी देने से बचें
- जरूरत पड़ने पर ऐप में दिए गए आधिकारिक नंबर से ही संपर्क करें।
- मोबाइल में किसी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से बचें।
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थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है। इसलिए ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करते समय डिजिटल सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

