बंगाल में चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, एग्जिट पोल्स के इन आंकड़ों ने सबको चौंकाया
Exit Poll Live Updates 2026: पश्चिम बंगाल में भाजपा, असम में भाजपा, तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन, केरल में यूडीएफ और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन…। देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सामने आए एग्जिट पोल्स के सर्वे में यह भविष्यवाणी की गई है। यह आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं। असली परिणाम चार मई को आएंगे। पुडुचेरी केंद्र शासित राज्य है।
टीएमसी टेंशन बढ़ी
एग्जिट पोल के अनुमान ने भाजपा को सबसे ज्यादा ‘फीलगुड’ कराया है। जबकि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेसी (टीएमसी) की टेंशन बढ़ा दी है। एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी कभी सच तो कभी झूठ साबित होती रही है। जिसे पत्थर की लकीर नहीं माना जा सकता है। फिलहाल पांचों राज्यों में सियासी सरगर्मी तेज है।
मतगणना की तारीख और नतीजों का बेसब्री का इंतजार होने लगा है। इन राज्यों में चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, यह देखना वाकई दिलचस्प रहेगा। फिलहाल भाजपा, डीएमके गठबंधन और यूडीएफ के खेमे में खुशी की लहर दौड़ रही है।
कांग्रेस और टीएमसी में निराशा व बेचैनी का आलम है। देशभर के आम नागरिकों में सबसे ज्यादा उत्सुकता पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम जानने को लेकर है। चूंकि बंगाल में पिछले पंद्रह साल से टीएमसी का राज है। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के नेतृत्व में वहां सरकार का संचालन होता रहा है। अधिकांश एग्जिट पोल्स ने इस राज्य की सत्ता में बदलाव के संकेत दिए हैं। वहां दो चरण में मतदान प्रक्रिया पूर्ण कराई गई।
भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गजों ने खूब पसीना बहाया है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच जमकर तनातनी देखने को मिली। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस राज्य में बगैर अशांति और हिंसा के चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा लिया गया। वहां एसआईआर के विरोध में जमकर बवाल मचा था।
बंगाल में बड़ा उलटफेर, कांग्रेस की नाव डूबी
टीएमसी के बागी हुमायूं कबीर इस चुनाव में क्या गुल खिलाते हैं, यह देखना अभी बाकी है। इसके अलावा हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम किसका खेल बिगाड़ेगी, यह जानना भी हर कोई चाहता है। एग्जिट पोल्स के सर्वे ने सबसे ज्यादा निराश कांग्रेस को किया है। कांग्रेस का प्रदर्शन किसी राज्य में सुधरता दिखाई नहीं पड़ रहा है। देश की सबसे पुरानी पार्टी लंबे समय से बेहद खराब दौर से गुजर रही है।
पार्टी की नाव को रफ्तार देने में राहुल गांधी की रणनीति नाकाम साबित हो रही है। हालांकि एग्जिट पोल्स के अनुमान से टीएमसी व कांग्रेस जैसे दल इत्तेफाक नहीं रख रहे हैं। इन दलों का मानना है कि परिणाम सामने आने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। असम में भाजपा की पुनः: वापसी के आसार नजर आने से पार्टी हाईकमान प्रसन्न है। इस राज्य में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार चल रही है।
बंगाल में क्यों नहीं दिखे अखिलेश, गठबंधन में दरार या कोई और बात
सरमा को हिंदुत्व का बड़ा पैरोकार माना जाता है। योगी आदित्यनाथ के बाद भाजपा में वह दूसरे ऐसे नेता हैं, जो खुलकर हिंदुत्व की बात करते नजर आते हैं। एग्जिट पोल्स के सर्वे पर भरोसा करें तो केरल में आज भी भाजपा अपना दबदबा कायम करने में सफल नहीं हो पाई है। पोल्स का अनुमान है कि पार्टी इस राज्य में तीसरे नंबर पर रहेगी। कुल मिलाकर एग्जिट पोल्स ने देशभर की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। चार मई तक सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज होती रहेंगी।

