Akhilesh Yadav 53rd Birthday: अखिलेश यादव की वो योजनाएं जिन्होंने बदल दी उत्तर प्रदेश की तस्वीर
Akhilesh Yadav 53rd Birthday: यूपी की सियासत में विकास और आधुनिकता को एक साथ धरातल पर उतारने का श्रेय जब भी दिया जाता है, तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल (2012-2017) का जिक्र जरूर होता है। उनके पांच साल के शासनकाल के दौरान राज्य ने इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में कई ऐसे क्रांतिकारी कदम उठाए, जो आज भी यूपी की तरक्की की रीढ़ बने हुए हैं। एक्सप्रेसवे से लेकर मुफ्त लैपटॉप और वर्ल्ड क्लास इमरजेंसी सर्विसेज तक, आइए जानते हैं अखिलेश सरकार की उन बड़ी योजनाओं के बारे में जिसने उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान दी।
मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना पर एक नजर
अखिलेश यादव ने सूबे की कमान संभालते ही युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए ‘मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना’ की शुरुआत की थी। इसके तहत 10वीं और 12वीं कक्षा पास करने वाले लाखों मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप दिए गए, जिसने ग्रामीण और semi-urban इलाकों में डिजिटल साक्षरता की क्रांति ला दी। इसके साथ ही, बेटियों की उच्च शिक्षा की राह आसान करने के लिए ‘कन्या विद्याधन योजना’ चलाई गई, जिसमें 12वीं पास छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए एकमुश्त वित्तीय मदद दी जाती थी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
एक्सप्रेसवे और मेट्रो: जिसने बदल दी यूपी की रफ्तार
बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के मामले में अखिलेश सरकार ने रिकॉर्ड समय में काम कर सबको चौंका दिया था। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे’ को देश के सबसे आधुनिक और सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में गिना जाता है, जिसने न सिर्फ दो बड़े शहरों की दूरी कम की बल्कि इस पर लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराकर भारत की सामरिक ताकत को भी परखा गया। वहीं, राजधानी के शहरी परिवहन को रफ्तार देने के लिए ‘लखनऊ मेट्रो’ की नींव रखी गई। इसके अलावा, पर्यावरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में एशिया के सबसे बड़े पार्कों में शुमार भव्य ‘जनेश्वर मिश्र पार्क’ का निर्माण कराया गया।
हाईटेक सुरक्षा चक्र: 1090 और यूपी 100 पुलिस सेवा
आम जनता की सुरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था को पूरी तरह से हाईटेक कर दिया था। इसके तहत ‘यूपी 100’ (अब यूपी 112) नाम से एक एकीकृत पुलिस आपातकालीन रिस्पांस सिस्टम शुरू किया गया, जिसने पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के रिस्पांस टाइम को बेहद कम कर दिया। वहीं, महिलाओं को मनचलों और उत्पीड़न से बचाने के लिए ‘महिला पावर लाइन 1090’ की शुरुआत की गई। इस अनूठी हेल्पलाइन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें शिकायत करने वाली महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती थी, जिससे महिलाओं में सुरक्षा का एक नया भरोसा पैदा हुआ।
गरीबों को सहारा और स्वास्थ्य का पहिया: 108 एम्बुलेंस व पेंशन
स्वास्थ्य के क्षेत्र में ग्रामीण इलाकों तक डॉक्टरों और इलाज की पहुंच बनाने के लिए अखिलेश सरकार ने ‘108 एम्बुलेंस सेवा’ का एक विशाल टोल-फ्री नेटवर्क खड़ा किया, जिसने राज्य के कोने-कोने में आपातकालीन चिकित्सा सेवा को मुफ्त और सुलभ बनाया। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, वंचित परिवारों और महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए ‘समाजवादी पेंशन योजना’ शुरू की गई, जिसके तहत हर महीने लाभार्थियों के खाते में सीधे वित्तीय सहायता भेजी जाती थी।
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किसानों और गांवों की तरक्की कराने वाली योजना पर एक नजर
उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को मजबूती देने के लिए अखिलेश यादव ने खास नीतियां बनाईं। राज्य को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और उच्च नस्ल के पशुओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ‘कामधेनु योजना’ लॉन्च की गई, जिसने बड़े पैमाने पर डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा दिया और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोले। वहीं, खेती-किसानी के दौरान होने वाली अनहोनी से सुरक्षा देने के लिए ‘किसान अवध सर्वहित बीमा योजना’ चलाई गई, जो गरीब किसानों और भूमिहीन परिवारों को दुर्घटना के समय बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करती थी।

