Cruise vs Ballistic Missile: जानें दोनों में कौन ज्यादा खतरनाक
Cruise vs Ballistic Missile: आज जब दुनिया में सुरक्षा और युद्ध की चर्चा होती है तो दो प्रकार की मिसाइलें अक्सर चर्चा में रहती हैं – क्रूज और बैलेस्टिक। हालांकि दोनों ही बेहद खतरनाक हैं, उनके काम करने का तरीका और प्रभाव अलग हैं। आम नागरिकों और वैश्विक सुरक्षा के नजरिए से यह समझना जरूरी है कि इनका खतरा किस तरह अलग-अलग महसूस होता है।
क्रूज मिसाइल की खूबियों पर एक नजर (Features of Cruise Missile)
क्रूज मिसाइलें जमीन के करीब उड़ती हैं और हवाई जहाज की तरह नियंत्रित होती हैं। यह नक्शे और सेंसर की मदद से अपने लक्ष्य तक पहुँचती हैं। उदाहरण के लिए टॉम होक और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें इस श्रेणी में आती हैं। इनका खास फायदा यह है कि ये रडार से आसानी से बच सकती हैं और बेहद सटीक निशाने पर हमला कर सकती हैं। लेकिन इसकी रेंज सीमित होती है। इसका कारण है कम ऊँचाई पर उड़ना और इंजन की शक्ति। इसके अलावा, GPS और टेरेन मैपिंग जैसे उपकरणों की वजह से वजन बढ़ जाता है और दूरी कम हो जाती है।
बैलेस्टिक मिसाइल की खूबियों पर एक नजर (Features of Ballistic Missile)
बैलेस्टिक मिसाइलें पूरी तरह अलग तरीके से काम करती हैं। यह तीन चरणों में लक्ष्य तक पहुंचती हैं। लॉन्च के समय रॉकेट इंजन से तेजी पकड़ती हैं, फिर अंतरिक्ष में लंबा रास्ता तय करती हैं और अंत में बहुत तेज़ी से लक्ष्य पर गिरती हैं। उदाहरण के लिए अग्निवीर। इसकी रेंज हजारों किलोमीटर तक हो सकती है, कभी-कभी 10,000 किलोमीटर से भी अधिक। इसका कारण शक्तिशाली रॉकेट इंजन और अंतरिक्ष में कम घर्षण है।
रेंज में अंतर क्यों है?
क्रूज मिसाइलें कम ऊँचाई पर उड़ने के कारण हवा का ज्यादा घर्षण झेलती हैं। वहीं, बैलेस्टिक मिसाइलें अंतरिक्ष में उड़ान भरने के बाद गुरुत्वाकर्षण की मदद से लंबी दूरी तय करती हैं। इस वजह से बैलेस्टिक मिसाइलें बहुत अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम होती हैं।
जानें बड़ी तबाही के लिए कौन सी मिसाइल बेहतर
बैलेस्टिक मिसाइलें आमतौर पर रणनीतिक हथियार मानी जाती हैं। यह बड़ी तबाही फैला सकती हैं, परमाणु हथियार ले जा सकती हैं और कई हजार किलोमीटर दूर तक निशाना साध सकती हैं। क्रूज मिसाइलें ज्यादा सटीक और छुपकर हमला करने में सक्षम होती हैं। इसका मतलब है कि दोनों के खतरे अलग प्रकार के हैं।
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जब वैश्विक सुरक्षा की बात आती है तो बैलेस्टिक मिसाइलों को ज्यादा गंभीर खतरा माना जाता है। क्रूज मिसाइलें क्षेत्रीय या सटीक हमलों में असर दिखाती हैं, वहीं बैलेस्टिक मिसाइलें बड़े पैमाने पर तबाही के लिए सक्षम हैं।

