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health alert: खाना खाते वक्त ये गलती आपको बीमार कर देगी, डॉक्टर्स ने कहा इसे अभी छोड़ो

health alert: आज की तेज़-तर्रार और व्यस्त लाइफ में लैपटॉप, मोबाइल और टीवी हमारी सबसे बड़ी ज़रूरतें बन चुके हैं। मल्टीटास्किंग के इस ज़माने में हाथ में कभी फ़ोन होता है, तो कभी लैपटॉप। एंटरटेनमेंट का सवाल हो या काम की डेडलाइन, हम घंटों तक इन डिजिटल स्क्रीन से चिपके रहते हैं। कई बार तो दबाव इतना होता है कि हम खाना खाते वक्त भी इन स्क्रीनों का इस्तेमाल करने लगते हैं।

जब आप खाते हैं, तो क्या हो रहा होता है

अत्यधिक किसी भी चीज़ का बुरा होता है। खाना खाते समय मोबाइल या टीवी पर ध्यान देने से आप अपने भोजन से विचलित हो जाते हैं। इसे ‘माइंडफुल ईटिंग’ से दूर होना कहते हैं।

जब आप खाना शुरू करते हैं, तो दिमाग को पेट भरने का संकेत भेजने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। यह संकेत फैट टिश्यू से निकलने वाला एक हार्मोन ब्रेन तक पहुँचाता है।

क्यों ज़्यादा खा लेते हैं आप

स्क्रीन देखते हुए जल्दी-जल्दी खाने या इस बात पर ध्यान न देने के कारण कि आप क्या खा रहे हैं, आप ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरीज़ (जरूरत से ज्यादा कैलोरीज, वेट गेन, मोटापा बढ़ने का खतरा) खा लेते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके मेमोरी बैंक (memory bank) में यह स्टोर ही नहीं होता कि आपने क्या, कब और कितना खाया।

शोधों में भी यह बात सामने आई है कि ज़्यादा स्क्रीन टाइम (mobile use during meals) का मतलब है फ़ास्ट फ़ूड का अधिक सेवन, जिससे दिल की समस्याओं (heart issues, हृदय रोग) का ख़तरा बढ़ सकता है।

हाज़मा बिगड़ेगा, वज़न बढ़ेगा

जब आप मोबाइल स्क्रोल करते हुए, टीवी देखते हुए या लैपटॉप पर काम करते हुए खाते हैं, तो आप इस बात पर ध्यान नहीं देते कि आप क्या खा रहे हैं और किस पोजीशन (स्थिति, आसन) में खा रहे हैं।

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डॉक्टरों के अनुसार, इसकी वजह से अपच (indigestion), वज़न बढ़ना (weight gain), बीपी (blood pressure) और शुगर लेवल (blood sugar) बढ़ने का ख़तरा रहता है। जब तेज़ी से खाने की आदत बन जाती है, तो इंसुलिन रिलीज़ (insulin release) होता है। इसके थोड़े देर बाद आपको फिर भूख लग जाती है। इस चक्र में बार-बार खाना खाने और स्नैकिंग (Snacking) करने से मोटापा (obesity) बढ़ना स्वाभाविक है।

तनाव और अस्वच्छता का ख़तरा

यह सिर्फ़ कैलोरीज़ की बात नहीं है। यह एक पूरी चेन है।

तनाव (Stress): खाना खाते समय मोबाइल पर कभी-कभी आप अनियंत्रित रूप से कोई नकारात्मक (negative) कंटेंट देख लेते हैं। इससे तनाव (चिंता, stress) बढ़ सकता है और तनाव में अक्सर लोग अधिक भोजन (overeating) करते हैं।

स्वच्छता (Hygiene): आपके स्मार्टफ़ोन में बैक्टीरिया (bacteria) हो सकते हैं। खाना खाते या पकाते समय बार-बार फ़ोन छूने से ये कीटाणु (germs) आपके हाथों और फिर खाने तक पहुँच सकते हैं।

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हालांकि, कुछ अध्ययन यह भी कहते हैं कि स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल करने से लोगों का एक हाथ फ़ोन की वजह से व्यस्त रहता है, जिससे खाने की स्पीड (गति) थोड़ी धीमी हो जाती है और वे टीवी स्क्रीन की तुलना में कम खाते हैं।

मगर सबसे बड़ा ख़तरा माइंडलेस ईटिंग (mindless eating) का ही बना रहता है, क्योंकि आपका ध्यान इस बात पर नहीं होता कि आप अपने शरीर को क्या दे रहे हैं।

आपको बता दें कि सेहत (health) सबसे बड़ी दौलत है। अगर आप सच में स्वस्थ (healthy) रहना चाहते हैं, तो एक सीधा-सा नियम अपनाएँ: खाना खाते समय मोबाइल, टीवी और लैपटॉप को कहें टाटा। अपने भोजन पर ध्यान केंद्रित करें।

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