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Nana Patekar Passes Away: क्या आपको याद हैं नाना पाटेकर के ये 12 डायलॉग, नंबर दो वाला है कमाल का

Nana Patekar Passes Away: भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली और बेबाक अभिनेताओं में शुमार नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। गोवा स्थित अपने निजी आवास पर उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और कुछ ही पलों में वे अचेत हो गए। स्थिति गंभीर देखते हुए परिवार के सदस्यों ने बिना देर किए उन्हें नजदीकी डोना पाउला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

अस्पताल के आपातकालीन विभाग में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और करीब 45 मिनट तक सीपीआर सहित अन्य लाइफ-सपोर्ट प्रक्रियाओं के जरिए उन्हें होश में लाने का हरसंभव प्रयास किया। हालांकि, तमाम मेडिकल प्रयासों के बावजूद दिल की धड़कनें दोबारा शुरू नहीं हो सकीं और सुबह ठीक 5:20 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह दुखद खबर फैली, बॉलीवुड और राजनीतिक हस्तियों से लेकर आम सिनेमाप्रेमियों तक गहरा शोक छा गया।

वो डायलॉग्स जिन्होंने नाना पाटेकर को बनाया सिनेमा का लीजेंड

नाना पाटेकर का जाना महज एक अभिनेता का जाना नहीं, बल्कि अभिनय के उस सुनहरे दौर का अवसान है जहां संवाद सिर्फ बोले नहीं, बल्कि दर्शकों के भीतर उतारे जाते थे। उनका खास अंदाज, बोलते समय चेहरे के भाव और संवादों के बीच का सन्नाटा पर्दे पर आग लगा देता था। उनके निभाए गए किरदार और बोले गए डायलॉग्स आज भी आम बोलचाल से लेकर सोशल मीडिया के हर कोने में गूंजते हैं। उनके करियर के वे चुनिंदा संवाद जिन्होंने सिनेमा के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी:

  • क्रांतिवीर: ‘साला, ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे!’

  • क्रांतिवीर: ‘नफरत की एक गोली प्यार की सौ गोलियों से ज्यादा खतरनाक होती है।’

  • क्रांतिवीर: ‘मरने के बाद क्या होगा, ये कोई नहीं जानता।’

  • क्रांतिवीर: ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने?’

  • यशवंत: ‘एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना देता है।’

  • यशवंत: ‘जिस दिन डर गया, समझो मर गया।’

  • यशवंत: ‘मैं जो बोलता हूं वो करता हूं।’

  • अब तक छप्पन: ‘पुलिस की नौकरी में दोस्ती नहीं होती।’
  • अब तक छप्पन: ‘हम पुलिस वाले हैं, कोई गुंडे नहीं।’

  • अग्निसाक्षी: ‘हर आदमी के अंदर एक जानवर होता है।’

  • वेलकम: ‘दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं…’

  • वेलकम: ‘अपुन को जिंदगी में ज्यादा टेंशन लेने का नहीं।’

  • वेलकम: ‘भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है।’

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आखिरी समय तक रहे सक्रिय, ‘ओ रोमियो’ और ‘सूबेदार’ से जीता था दिल

नाना पाटेकर उम्र के इस पड़ाव पर भी सिनेमाई पर्दे पर पूरी ऊर्जा के साथ सक्रिय बने हुए थे। हाल ही में फरवरी 2026 में रिलीज हुई निर्देशक विशाल भारद्वाज की चर्चित रोमांटिक एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘ओ’रोमियो’ में उन्हें बड़े पर्दे पर आखिरी बार देखा गया था। इस मल्टी-स्टारर फिल्म में वे शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी, अविनाश तिवारी, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया और फरीदा जलाल जैसे सितारों के साथ बेहद अहम भूमिका में नजर आए थे। इसके अलावा मार्च 2026 में प्राइम वीडियो पर आई अनिल कपूर की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी उन्होंने एक जबर्दस्त स्पेशल कैमियो निभाया था, जिसे आलोचकों और दर्शकों दोनों ने खूब सराहा था। अभिनय की दुनिया में उनका यह योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

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