शर्मनाक! मासूम से दरिंदगी पर हंसती दिखी पुलिस, वीडियो वायरल होने पर मचा कोहराम!
विधानसभा चुनाव के बाद से तमिलनाडु निरंतर सुर्खियों में चल रहा है। विस चुनाव में टीवीके ने धमाकेदार प्रदर्शन कर विरोधियों को चारों खाने चित्त कर दिया था। ऐसे में अभिनेता जोसेफ विजय के सियासी उभार ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था। तदुपरांत कांग्रेस ने अचानक पुरानी सहयोगी डीएमके से नाता तोड़कर और टीवीके को समर्थन देकर चौंका दिया था।
CM विजय के आदेशों ने चौंकाया
इसी क्रम में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि नहीं दी तो यह मुद्दा देशभर में चर्चाओं में रहा। तमिलनाडु में धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास खुली सैकड़ों शराब की दुकानों को भी एक झटके में बंद करा दिया गया है। नई सरकार के इस फैसले का जनता ने स्वागत किया है। अभिनय जगत के माहिर खिलाड़ी और राजनीति में फिलहाल अनाड़ी विजय जोसेफ से आमजन को ढेरों उम्मीदें हैं। वर्तमान में इस राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर विवाद देखने को मिल रहा है।
चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने महिला सुरक्षा पर लंबे चौड़े वादे किए थे। कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखने तथा अपराधियों पर नकेल कसने के दावे किए गए थे, मगर एक जघन्य वारदात के प्रकाश में आने के बाद से विपक्ष ने टीवीके सरकार और पुलिस को घेरना शुरू कर दिया है। दस साल की मासूम बच्ची को अगवा कर यौन उत्पीड़न के उपरांत हत्या कर दी गई। इस वारदात से पूरे देश में गुस्सा है। देशभर में हंगामा मचने पर पुलिस ने इस प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रख्यात अभिनेता कमल हसन भी इस घटना से बेहद आक्रोश में नजर आए।
पुलिस का शर्मनाक चेहरा आया सामने
उन्होंने सीएम विजय से हत्यारोपियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाकर ठोस कानूनी कार्रवाई की पुरजोर मांग की। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि तमिलनाडु पुलिस के कुछ अधिकारियों को वह चेहरा समाज के सामने आ गया, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। दरअसल रेप एवं हत्या के मामले में पत्रकार वार्ता के दौरान तीन पुलिस अधिकारियों को किसी बात पर जमकर ठहाके लगाते देखा गया। इनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल है। सोशल मीडिया पर फोटो व वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस महकमा जनता के निशाने पर है।
यूजर्स इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि एक नाबालिग से जुड़े इतने गंभीर अपराध पर बात करते समय अधिकारियों ने संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई। तीनों अधिकारियों पर कार्रवाई की पुरजोर मांग होने लगी है। सोशल मीडिया पर यह मामला गर्म होने के बावजूद सरकार ने अभी कोई कदम नहीं उठाया है। महिला सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर समझदारी से काम न लेना कितना भारी पड़ता है, इसका उदाहरण पश्चिम बंगाल है।
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बंगाल में ममता बनर्जी के शासन के समय आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के मामले पर देशभर में खासा बवाल मचा था। उस समय तत्कालीन सीएम के उस बयान पर खूब हंगामा मचा था, जिसमें उन्होंने लड़कियों व महिलाओं से रात आठ बजे के उपरांत घरों से बाहर न निकलने की अपील की थी। पश्चिम बंगाल से ममता सरकार की विदाई के पीछे जो कारण रहे हैं, उनमें एक मामला आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़ी घटना भी बताई जाती है। देश में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, रेप एवं गैंगरेप के मामले आए दिन प्रकाश में आ रहे हैं।

