आखिर क्या हैं पुतिन और पीएम मोदी की 10 डील्स जिससे अमेरिका को हुई चिढ़, घबराया पाक
Putin India Visit 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा केवल रणनीतिक गठजोड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने दोनों देशों के संबंधों को एक ऐसा व्यावहारिक मोड़ दिया है, जिसका सीधा फायदा आम नागरिकों को मिलेगा। यह दौरा वैश्विक उथल-पुथल के बीच हुआ, मगर इसका जोर अब रक्षा सौदों की बजाय आर्थिक सहयोग और जन-कल्याण पर रहा। हालांकि, फाइटर जेट्स या बड़े हथियार शोधों जैसी चर्चित घोषणाएं नहीं हुईं, फिर भी इस यात्रा ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी की नींव डाली है। आइए उन 10 बड़े फैसलों को जानते हैं जो सीधे तौर पर देश की जनता और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे।
जनता से जुड़े 10 सबसे बड़े समझौते
1. ईंधन की चिंता खत्म
ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, रूस ने वादा किया है कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव या किसी भी भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बावजूद, भारत को कच्चे तेल, पेट्रोल और डीज़ल की आपूर्ति अबाध रूप से मिलती रहेगी। यह गारंटी महंगाई और आपूर्ति संकट से देश को बचाने वाला एक मजबूत ढाल है।
2. किसानों को राहत
रूस की उरलकेम और भारतीय कंपनियों एनएफएल, आरसीएफ, आईपीएल ने मिलकर यूरिया और पोटाश की निश्चित एवं लंबी अवधि की सप्लाई का करार किया है। इसके अलावा, भारत में संयुक्त उर्वरक उत्पादन प्लांट लगाए जाएंगे। इसका मतलब है कि किसानों को सस्ती कीमत पर और सही समय पर खाद उपलब्ध होगी।
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3. कुशल कामगारों को मौका
अब भारतीय पेशेवर और कुशल श्रमिक कानूनी तरीके से आसानी से रूस जाकर काम कर सकेंगे, और रूसी विशेषज्ञ भारत में। इससे अवैध प्रवास पर नियंत्रण रहेगा, जबकि कानूनी कामगारों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।
4. बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा। दोनों देश डॉक्टरों के आदान-प्रदान, संयुक्त चिकित्सा शोध और मेडिकल छात्रों के लिए नए कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे। हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की नई दवाओं पर रिसर्च में तेज़ी आएगी।
5. व्यापार का नया समुद्री मार्ग
रूस, भारत को आर्कटिक क्लास जहाज़ निर्माण की तकनीक देगा। चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग को सुदृढ़ किया जाएगा, जो व्यापार की गति और लागत दोनों को कम करेगा।
6. स्वच्छ बिजली की ओर कदम
परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाते हुए, अब छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) पर काम होगा। कुडनकुलम जैसे बड़े प्रोजेक्ट में भी रूसी भागीदारी जारी रहेगी, जिससे देश को सस्ती और प्रदूषण-मुक्त बिजली मिलेगी।
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7. खान-पान की गुणवत्ता
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और रूसी एजेंसियां मिलकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करेंगी। इससे दोनों देशों के बीच फल, सब्ज़ियां, डेयरी उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य का व्यापार तेज़ी से बढ़ेगा।
8. व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
एक नया आर्थिक सहयोग कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को छूना है। रूस अब भारतीय उत्पादों को ज्यादा खरीदेगा, जिससे व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में आएगा।
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9. पर्यटन को प्रोत्साहन
रूसी नागरिकों के लिए 30 दिनों तक का ई-टूरिस्ट वीज़ा अब शुल्क-मुक्त कर दिया गया है। इससे भारत में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के लोगों के बीच मेल-जोल बढ़ेगा।
10. आधुनिक तकनीक और संसाधन
महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की खोज, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके साथ ही, संयुक्त आर एंड डी और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक विज्ञान-तकनीक रोडमैप तैयार हुआ है। यह कदम भारत की उन्नत विनिर्माण क्षमता को ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
आपको बता दें कि ये दौरा (Putin India Visit 2025) इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत और रूस की दोस्ती अब सिर्फ सैन्य गठजोड़ से कहीं आगे निकल चुकी है। यह अब ऊर्जा, भोजन, स्वास्थ्य, रोजगार और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में एक व्यापक साझेदारी बन गई है। भले ही कुछ बड़े रक्षा ऐलान नहीं हुए, मगर जनता की रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर केंद्रित ये 19 समझौते (जिनमें से 10 प्रमुख हैं) ये स्पष्ट संदेश देते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय दबावों के बावजूद ये अटूट दोस्ती (India Russia Relation) हमेशा कायम रहेगी।

