वर्ल्ड

भारतीय सेना की ड्रोन फोर्स देख ठंड में पसीना पसीना हुआ पाकिस्तान

दो दशक पहले जिस देश को हथियारों के लिए विदेशी दरवाजे खटखटाने पड़ते थे, वही भारत आज ड्रोन युद्ध में दुनिया के सामने नया मानक गढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि अब युद्ध का भविष्य आकाश में छोटे-छोटे बिना पायलट वाले विमानों के हाथ में है।

आम आदमी को कैसे मिल रहा फायदा?

सीमा पर जब पाकिस्तान ड्रोन भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश करता है, तब ये स्वदेशी ड्रोन चुपचाप दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखते हैं। नतीजा? आतंकवादियों का घुसपैठ करना पहले से कई गुना मुश्किल हो गया। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है जम्मू-कश्मीर से पंजाब और राजस्थान तक लोग अब पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं।

अश्नी प्लाटून: बटालियन की जेब में पूरा हवाई सर्विलांस

हर इन्फैंट्री बटालियन को अब मिल रहा है अश्नी यानी असॉल्ट हाई एल्टीट्यूड नैनो इंटेलिजेंस सिस्टम। सिर्फ कुछ सौ ग्राम वजनी ये मिनी ड्रोन 10-15 किलोमीटर तक का इलाका स्कैन कर सकते हैं। पहाड़ के पीछे छुपी दुश्मन की तोप हो या जंगल में छिपी टुकड़ी – सब कुछ साफ दिख जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटिहार ने खुद इसे ऑपरेशनल क्लियरेंस दे दी है। जल्द ही ये हर बटालियन की तीसरी आँख बनने वाले हैं।

नागास्त्र-1: वो ड्रोन जो खुद दुश्मन ढूंढकर मार गिराता है

डीआरडीओ और प्राइवेट कंपनियों ने मिलकर बनाया नागास्त्र-1 अब सेना की नई ताकत है। 8-9 किलो वजन वाला ये ड्रोन एक किलो तक विस्फोटक ले जा सकता है। थर्मल विजन, नाइट विजन, 360 डिग्री कैमरा – सब कुछ है। ये दुश्मन के सिर पर घंटों मंडराता रहता है और सही मौका मिलते ही सटीक हमला करता है। ऑपरेशन सिंदूर में इन्होंने पाकिस्तानी ठिकानों को मिनटों में नेस्तनाबूद कर दिया था। अब तक 450 से ज्यादा नागास्त्र ड्रोन सेना में शामिल हो चुके हैं।

ट्रंप का ऐतिहासिक दावा, लेकिन चिट्ठी में नेतन्याहू को बचाने की गुहार क्यों; पढ़ें अंदर की पूरी कहानी

अब हर जवान बनेगा ड्रोन पायलट

पूर्वी कमान हो या पश्चिमी – हर जगह बड़े ड्रोन अभ्यास हो रहे हैं। आने वाले दिनों में हर सैनिक को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग मिलेगी। यानी अब सिर्फ पायलट ही नहीं, आम राइफलमैन भी ड्रोन उड़ा सकेगा। इसका मतलब साफ है – भविष्य का युद्ध जमीन पर कम और आकाश में ज्यादा लड़ा जाएगा।

चीन-पाकिस्तान दोनों को एक साथ जवाब

पश्चिम में पाकिस्तान और उत्तर में चीन दोनों तरफ ऊंची चोटियां और कठिन इलाका। लेकिन अब स्वदेशी ड्रोन की वजह से भारतीय सेना दोनों मोर्चों पर एक साथ मजबूत हो रही है। सियाचीन से लेकर अरुणाचल तक ये ड्रोन दिन-रात निगरानी कर रहे हैं।

हमास का खेल हो गया फेल… इजरायली खुफिया एजेंसी का बड़ा दावा, यूरोप को दहलाने की चल रही थी प्लानिंग

जिस देश को कभी राफेल और एस-400 के लिए तरसना पड़ता था, वही देश आज दुनिया को बता रहा है कि छोटे-छोटे ड्रोन कैसे बड़े-बड़े युद्ध जीत सकते हैं। यह सिर्फ सेना की जीत नहीं, आत्मनिर्भर भारत की जीत है। और इस जीत का सबसे बड़ा फायदा? वो शांति जो अब हर भारतीय घर में पहले से कहीं ज्यादा मजबूत महसूस हो रही है।

One thought on “भारतीय सेना की ड्रोन फोर्स देख ठंड में पसीना पसीना हुआ पाकिस्तान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *