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अब लगेगा ट्रंप को असली झटका; टैरिफ की धमकी देते रहे, इधर भारत-रूस का पलड़ा भारी, हुए कई समझौते

भारत और रूस ने गुरुवार को अपने द्विपक्षीय व्यापार (India Russia relations, India Russia bilateral trade) को संतुलित तरीके से बढ़ाने और ऊर्जा सहयोग (India Russia energy cooperation) बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मुलाकात (S Jaishankar Sergey Lavrov meeting) के दौरान उन्होंने गैर-शुल्क बाधाओं (non-tariff barriers) और नियामक बाधाओं (regulatory barriers) को जल्द से जल्द दूर करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।

जयशंकर ने कहा कि हमारा प्रयास भारत-रूस व्यापार समझौता (India Russia trade agreement) आगे बढ़ाने और रूस की ओर भारत के निर्यात (India Russia exports, Indian exports to Russia) को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। उन्होंने ज़िक्र किया कि फार्मास्यूटिकल्स निर्यात (pharmaceuticals exports India Russia), कृषि निर्यात (agricultural exports India Russia) और वस्त्र निर्यात (textiles exports India Russia) भारत से रूस की ओर बढ़ाने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं।

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गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका व्यापार तनाव (India US trade tensions) डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों (Trump trade policies) के चलते बढ़ रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में भारत-रूस रणनीतिक संबंध (India Russia strategic relations) और भारत-रूस साझेदारी (India Russia partnership) और भी जरूरी हो जाते हैं।

जानें दोनों देशों के बीच क्या समझौते हुए (India Russia relations)

जयशंकर और लावरोव ने आतंकवाद से निपटने पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत और रूस आतंकवाद विरोधी सहयोग (India Russia cooperation on terrorism) को और मज़बूत करेंगे। जयशंकर ने विशेष तौर पर सीमा पार आतंकवाद (cross border terrorism) पर चिंता जताई और कहा कि भारत किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।

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जयशंकर ने बताया कि रूस को भारतीय उर्वरक आपूर्ति (Indian fertilizer supplies to Russia) दीर्घकालिक स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, भारत-रूस के बीच आईटी सहयोग (India Russia IT cooperation), निर्माण क्षेत्र (India Russia manufacturing sector) और इंजीनियरिंग सहयोग (India Russia engineering cooperation) को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारत-रूस निवेश बढ़ने (India Russia investments) और व्यापार असंतुलन (India Russia trade imbalance) घटाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल भारत-रूस व्यापार वृद्धि (India Russia trade growth) का आधार बनेगी।

जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष को यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा (Vladimir Putin India visit) के दौरान कई अहम पहलुओं पर प्रगति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक सहयोग (geopolitical cooperation India Russia) भारत-रूस संबंधों के लिए प्रमुख स्तंभ बना रहेगा।

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