UP SIR 2026 ड्राफ्ट लिस्ट जारी, वोटर लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम
UP SIR 2026: निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के लिए वोटरों की नई ड्राफ्ट लिस्ट (Uttar Pradesh SIR draft electoral roll) मंगलवार को जारी कर दी है। इसके मुताबिक, 2.85 करोड़ लोगों के नाम कटे हैं। यूपी में 18.70 प्रतिशत लोगों के नाम कट गये हैं। अब उत्तर प्रदेश में कुल 12.55 करोड़ मतदाता हैं। यूपी में पहले 15.44 करोड़ मतदाता थे।
SIR प्रक्रिया में 44.23 लाख वोटर्स मृत मिले। 2.17 करोड़ शिफ्टेड जबकि 25.47 लाख करोड़ वोटर डुप्लीकेट मिले। पहले यह सूची 31 दिसंबर को आनी थी लेकिन मृत और शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की दोबारा जांच के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुछ और समय बढ़ाया दिया था।
6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 के बीच दर्ज करायें अपनी आपत्तियां
उत्तर प्रदेश के नागरिक 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 के बीच अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। सभी आवेदनों के निपटारे के बाद प्रशासन 6 मार्च 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट सार्वजनिक करेगा।
एक नजर आकड़ों पर
उत्तर प्रदेश में चले SIR के विशेष अभियान के बाद राज्य की मतदाता सूची में भारी बदलाव देखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक यूपी में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं जो कुल वोटरों का करीब 18.7 फीसदी हिस्सा है। अकेले राजधानी लखनऊ में ही मतदाताओं की संख्या में 12 लाख की गिरावट दर्ज की गई है।
मतदाता सूची के प्रारूप में अपना नाम कैसे जांचें?
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: voters.eci.gov.in
- स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर)- 2026 देखें।
- अपना वोटर आईडी (ईपीआईसी) नंबर दर्ज करें और सबमिट करें।
- आवश्यक जानकारी और कैप्चा कोड दर्ज करें और ‘खोजें’ पर क्लिक करें।
सिस्टम आपकी जानकारी उपलब्ध कराएगा। आप ‘एक्शन’ कॉलम के अंतर्गत ‘विवरण देखें’ पर क्लिक करके अपनी जानकारी की सटीकता की जाँच कर सकते हैं।
अपने जिले और विधानसभा क्षेत्र के लिए पीडीएफ ड्राफ्ट रोल डाउनलोड करने के लिए ceouttarpradesh.nic.in पर जाएं ।
आप अपने मतदान केंद्र पर जाकर बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से मतदाता सूची का मसौदा भी देख सकते हैं, क्योंकि सभी बीएलओ को अपने-अपने बूथों के लिए मतदाता सूची की एक प्रति रखना अनिवार्य है।
इसके अलावा, आप ECINET मोबाइल ऐप का उपयोग करके अपने विवरण को सत्यापित कर सकते हैं।
अगर आपका नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची के प्रारूप में नहीं है, तो भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम “लापता या गुमशुदा” होने के कारण हटा दिए गए हैं, उन्हें अपना नाम मतदाता सूची में पुनः जुड़वाने के लिए 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सूची में शामिल होने का प्रमाण देना होगा या ईसीआई द्वारा निर्धारित कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
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रिणवा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग मसौदा मतदाता सूची में लगभग 12.55 करोड़ नामों को शामिल करने पर आपत्तियां आमंत्रित करेगा। ऐसी आपत्तियां फॉर्म 7 भरकर जमा की जा सकती हैं।
यदि मसौदा सूची में किसी नाम के विरुद्ध आपत्ति वैध पाई जाती है, तो उस नाम को मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।
मतदाता इन प्रपत्रों को voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLO) से मिलकर ऑफ़लाइन भी प्रपत्र जमा किए जा सकते हैं।

