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क्या संविधान की प्रस्तावना से समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द हटेंगे, केंद्र सरकार ने संसद में दिया जवाब

संविधान की प्रस्तावना (Preamble of constitution) में ‘समाजवादी’ (socialist words) और ‘धर्मनिरपेक्ष’ (secular words) शब्दों को लेकर अक्सर आपत्तियाँ उठाई जाती रही हैं। इन दोनों शब्दों को हटाने की माँग (demand for removal of words in preamble) उठी थी। क्या केंद्र सरकार (central government stand) इन शब्दों को हटाने का इरादा रखती है? ये सवाल संसद (parliament question) में पूछा गया था। अब सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति (government position) स्पष्ट कर दी है।

केंद्र सरकार ने ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ शब्दों को लेकर पूछे गए एक सवाल का लिखित जवाब (Rajya Sabha answers) दिया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal, law minister) ने इन दोनों शब्दों को हटाने को लेकर चल रही चर्चाओं (political discussion, public debate) को खारिज कर दिया।

जानें कानून मंत्री ने क्या कहा

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि कुछ सार्वजनिक या राजनीतिक क्षेत्रों में इस बारे में चर्चा या बहस हो सकती है। लेकिन, संविधान की प्रस्तावना (Preamble of constitution) या इन शब्दों में संशोधन (constitutional amendment, preamble amendment) के लिए कोई निर्णय या प्रस्ताव घोषित नहीं किया गया है।

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मेघवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार का आधिकारिक रुख (official statement) यह है कि संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों पर पुनर्विचार करने और उन्हें हटाने का फिलहाल कोई विचार या प्रस्ताव नहीं है।

गहन चर्चा जरूरी

मेघवाल ने कहा कि यदि प्रस्तावना में संशोधन (changes in preamble, amendment process) किया जाना है, तो गहन और व्यापक चर्चा आवश्यक है और सभी की सहमति होनी चाहिए। लेकिन अभी तक सरकार ने संविधान की प्रस्तावना में बदलाव के लिए कोई आधिकारिक प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता संविधान के अभिन्न अंग

मेघवाल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि नवंबर 2024 में सर्वोच्च न्यायालय (supreme court) ने 1976 के संशोधन (42nd amendment) को चुनौती देने वाली याचिका (constitutional petition) को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि संविधान (constitution of India) में संशोधन करने की केंद्र सरकार की शक्तियाँ प्रस्तावना तक ही सीमित हैं।

मेघवाल ने अपने उत्तर में कहा कि समाजवादी एक कल्याणकारी राज्य (welfare state) के लिए एक शब्द है और यह निजी क्षेत्र के विकास में बाधा नहीं डालता। साथ ही, धर्मनिरपेक्ष शब्द संविधान का एक अभिन्न अंग (integral parts of constitution) है।

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