पॉलिटिक्स

26 लोग चुन-चुनकर मारे गए, सरकार कहां थी; प्रियंका-अखिलेश ने संसद में खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

संसद (Parliament) में आज ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर फिर से गहमागहमी देखने को मिली, जिसमें मुख्य रूप से जनता की सुरक्षा (Public Safety) और सरकार की भूमिका (Government’s Role) पर बहस हुई। कांग्रेस महासचिव (Congress General Secretary) और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने इस बहस में हिस्सा लेते हुए कश्मीर की सुरक्षा (Kashmir Security) व्यवस्था पर सवाल उठाए। Baisaran Valley Attack

उन्होंने बैसरन घाटी (Baisaran Valley Attack) में हुए आतंकवादी हमले (Terrorist Attack) को लेकर चिंता जताई और पूछा कि आखिर उस इलाके में सैलानियों की सुरक्षा (Security of Tourists) के लिए कोई व्यवस्था क्यों नहीं थी। प्रियंका ने बताया कि हाल ही में शुभम द्विवेदी (Shubham Dwivedi) और उनके परिवार के साथ हुई घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है, जहां आतंकियों ने निर्दोष लोगों (Killing of Innocents) को बेरहमी से मार डाला। उनका सवाल था कि आखिर प्रधानमंत्री (Prime Minister), गृहमंत्री (Home Minister) और रक्षा मंत्री (Defense Minister) किस तरह से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं जब ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

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इसी दौरान सपा नेता (SP Leader) अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी केंद्र सरकार पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने लोकसभा में ये पूछा कि आखिर क्या कारण था कि सरकार ने अचानक युद्धविराम (Ceasefire) का ऐलान किया, वही ऑपरेशन के दौरान विरोधी देश को ठोस नुकसान पहुंचाने का मौका था।

अखिलेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) द्वारा युद्धविराम की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि ये निर्णय भारत के हितों के विरुद्ध है और सरकार ने अपने राजनीतिक रिश्तों (Political Relations) के चलते ये कदम उठाया। इसके अलावा उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था (Security System) में हुई बड़ी चूक की जिम्मेदारी (Responsibility) लेने की मांग की और कहा कि अनुच्छेद 370 (Article 370) के हटाए जाने के बाद आतंकवाद खत्म करने का जो वादा सरकार ने किया था, वो धरातल पर कहीं दिख नहीं रहा (End of Terrorism)।

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वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने अपने संबोधन में आतंकवादियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई (Action against Terrorists) की बात कही। उन्होंने कहा कि जो निर्दोष लोग (Innocents Targeted) अपने धर्म के आधार पर निशाना बनाए गए, उनकी निंदा की जानी चाहिए और इस तरह की घटनाएं unacceptable हैं।

शाह ने पहलगाम (Pahalgam Operation) में किए गए ऑपरेशन का हवाला देते हुए बताया कि तीन प्रमुख आतंकवादी सुलेमान (Suleman), अफगान (Afghan) और जिबरान (Jibran) को मार गिराया गया है और उनके साथ जुड़े समर्थनकर्ताओं को पहले ही गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि आतंकवादियों के शव जब श्रीनगर (Srinagar) लाए गए तो उनकी पहचान (Identification of Terrorists) एजेंसियों ने हिरासत में लिए गए संदिग्धों से करवाई।

आम जनता जानना चाहती है ये जवाब

इस पूरे घटनाक्रम ने देश में सुरक्षा व्यवस्था (Security System) और सरकार की नीतियों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आम जनता खासकर कश्मीर के लोग (People of Kashmir) यह जानना चाहते हैं कि क्या वाकई उनकी जान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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