दो सर्वे ने खोल दिया महागठबंधन की जीत का रास्ता! तेजस्वी की बल्ले-बल्ले
Bihar election result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव अब नतीजों की दहलीज पर खड़ा है और मतगणना से पहले जारी हुए एग्जिट पोल ने प्रदेश की सियासी हवा को गरमा दिया है। एक तरफ़ जहाँ बड़े-बड़े सर्वे एनडीए गठबंधन को स्पष्ट जीत का संकेत दे रहे हैं, वहीं कुछ प्रमुख एजेंसियाँ महागठबंधन की बढ़त दिखा रही हैं या फिर कांटे की टक्कर बताकर सस्पेंस बढ़ा रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 14 नवंबर को आने वाले असल परिणाम इन ‘बदलाव के संकेतों’ पर मुहर लगाएंगे या फिर चुनावी तस्वीर पूरी तरह से पलट जाएगी?
यह चुनाव दो चरणों में संपन्न हुआ और अब सबकी नज़रें एग्जिट पोल के विरोधाभासी नतीजों पर टिकी हैं। इस बार की सबसे खास बात यह रही कि लगभग हर चैनल और सर्वे एजेंसी ने एकदम अलग-अलग नज़ारा पेश किया है। कुछ में एनडीए की बल्ले-बल्ले दिखी, तो कुछ में महागठबंधन को निर्णायक बढ़त मिली। और हाँ, कुछ ने तो दोनों गठबंधनों के बीच ‘फुटबॉल मैच’ जैसा रोमांचक मुकाबला दिखाया।
महागठबंधन के लिए ‘गुड न्यूज़’ कहाँ से आई?
जिन एग्जिट पोल्स ने महागठबंधन यानी इंडिया ब्लॉक को खुश होने का मौका दिया है, उनमें सबसे ऊपर टीवी लाइव एग्जिट पोल का नाम है। इस सर्वे ने महागठबंधन को 130 से 144 सीटों के बीच का बड़ा दायरा दिया है, जो स्पष्ट बहुमत की ओर इशारा करता है। वहीं, एनडीए को 95 से 109 सीटों पर सीमित बताया गया है। यदि यह आंकड़ा सच साबित हुआ, तो बिहार की सत्ता में महागठबंधन की वापसी का रास्ता खुल जाएगा।
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लगभग यही तस्वीर जॉर्नो मिरर एग्जिट पोल ने भी पेश की है। उनके अनुमान के मुताबिक, महागठबंधन 130 से 140 सीटें जीत सकता है, जबकि एनडीए 100 से 110 सीटों के दायरे में सिमटता दिख रहा है। ये दोनों बड़े सर्वे महागठबंधन की संभावित जीत के दावों को मज़बूती देते हैं।
जब मुकाबला ‘फोटो फिनिश’ बन गया
लेकिन कहानी यहीं ख़त्म नहीं होती। कुछ एग्जिट पोल्स ने इस चुनाव को इतिहास के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक बना दिया है।
जनमत पोल ने सबसे रोमांचक समीकरण सामने रखा। इस सर्वे में एनडीए को 113 से 125 मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 117 से 123 मिलने की संभावना है। बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 है। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि दोनों गठबंधन बिल्कुल कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। ज़रा सा भी वोट प्रतिशत इधर-उधर हुआ, तो सत्ता की कुर्सी का मालिक बदल सकता है।
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इसी तरह, न्यूज़ पिंच एआई पॉलिटिक्स नामक सर्वे एजेंसी ने भी मुकाबला दिलचस्प बनाए रखा। इस पोल में एनडीए को 121 सीटें दी गईं, जबकि महागठबंधन 119 सीटों पर सिमटा नज़र आया। हालाँकि यहाँ एनडीए को मामूली बढ़त मिली है, लेकिन यह बढ़त इतनी कम है कि परिणाम आने पर यह किसी भी दिशा में मुड़ सकती है।
क्या कहते हैं एग्जिट पोल का औसत? (Bihar election result 2025)
इन चारों प्रमुख एग्जिट पोल्स का औसत निकाला जाए, तो एनडीए की सीटें 110 से 120 के बीच ठहरती हैं, वहीं महागठबंधन की सीटें 120 से 130 के दायरे में दिखाई देती हैं। इसका मतलब साफ है कि यह चुनाव किसी भी सूरत में एकतरफा नहीं रहा है। यह एक ‘फोटो फिनिश’ वाला मुकाबला है, जहाँ परिणाम आखिरी क्षण तक तय नहीं माना जा सकता।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव बिहार की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। एक तरफ़ नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सत्ता बचाने की ज़ोरदार कोशिश में है, तो दूसरी तरफ़ तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन युवा और रोज़गार के मुद्दों को लेकर जनता को लामबंद करने में सफल रहा है। छोटे दल जैसे जन स्वराज पार्टी लोजपा राम विलास और वाम दल भी कुछ सीटों पर समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में हैं।
याद रहे 2020 के पिछले चुनाव में भी कई एग्जिट पोल्स महागठबंधन को बढ़त दे रहे थे, मगर नतीजे एनडीए के पक्ष में गए थे, भले ही बेहद कम अंतर से। इसलिए इस बार भी सबकी निगाहें 14 नवंबर की सुबह 6 बजे शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।
कुल मिलाकर बिहार के एग्जिट पोल का नज़ारा इस बार किसी भी पार्टी को चैन की साँस लेने का मौका नहीं दे रहा है। एनडीए उम्मीद कर रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार का संयुक्त प्रभाव उन्हें बचा लेगा, जबकि महागठबंधन को जनता के बदलाव के मूड पर पूरा विश्वास है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 14 तारीख को इनमें से कितने एग्जिट पोल सच साबित होते हैं और कितने सिर्फ़ अनुमान बनकर रह जाते हैं।

