5 लाख देने का वादा लेकिन मिला सिर्फ 5 हजार का चेक; उत्तरकाशी के लोग सरकार से नाराज
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में (Uttarkashi Flood, Flash Flood in Uttarakhand, Uttarakhand Natural Disaster, Himalayan Flood Disaster, Uttarakhand Tragedy) ने तबाही मचा दी है। विशेष रूप से (Dharali Village Disaster, Flood in Dharali) में हालात बेहद खराब हैं।
धराली गाँव पूरी तरह पानी में डूब गया और (Uttarkashi Village Destroyed, Village Washed Away Flood) की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं (Social Media Reactions Flood)। इस आपदा में कई लोगों की मौत हो चुकी है और (Flood Affected Villages) के सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं।
स्थानीय हालात और लोगों की ज़ुबानी (Dharali Village Disaster)
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के लिए (CM Relief Amount Uttarakhand, Government Relief Fund) के तहत 5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की थी। लेकिन (Flood Victims Protest, Relief Cheque Controversy, Insufficient Relief Amount) का कारण बना जब आपदा के पाँच दिन बाद शुक्रवार को प्रभावित परिवारों को केवल 5,000 रुपये का चेक दिया गया।
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कई ग्रामीणों ने इसे लेने से इनकार करते हुए कहा कि यह हमारे दुख का अपमान है। एक ग्रामीण ने बताया, “हमने सब कुछ खो दिया घर, पैसा, व्यवसाय। इतनी बड़ी (Destruction in Uttarkashi) के बाद इतनी कम राशि (Emergency Relief Funds) मज़ाक है।”
(Times of India Flood Report) के अनुसार, आपदा के बाद इलाके में बिजली ठप हो गई थी और पीड़ितों को बताया गया था कि मोमबत्तियों के पैकेट बाँटे जाएंगे, लेकिन (Candle Distribution Delay) के चलते ये चार दिन बाद पहुँचे। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमने चार रातें अंधेरे में बिताईं, लकड़ियाँ जलाकर खाना गर्म किया। सरकार (Food Crisis in Disaster) और राशन की बात करती रही, लेकिन वह भी नहीं मिला। हमें दर-दर भटकना पड़ा।”
पर्यटकों के लिए मशहूर ये इलाका अब (Tourists Spot Turned Disaster Zone) बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि (Government Response Disaster, Aid Mismanagement India, Relief Distribution Issues, Flood Relief Scam) के कारण पीड़ितों को समय पर मदद नहीं मिल रही। आपदा प्रबंधन अधिकारी (Disaster Management India) ने सफाई दी कि 5,000 रुपये का चेक एक अस्थायी राहत है और नुकसान का आकलन अभी जारी है।

